केशवरायपाटन नगर पालिका बोर्ड ने कार्तिक मेले के लिये 65 लाख का बजट निर्धारित
केशवरायपाटन नगर पालिका ने कार्तिक पूर्णिमा मेले के आयोजन, आय वृद्धि और कई स्थानीय विकास मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें 65 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया।
केशवरायपाटन नगर पालिका बोर्ड की बैठक नगर पालिका सभागार में नगर पालिका अध्यक्ष अनुराधा मलिक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कार्तिक मेले एवं नगर पालिका की आय वृद्धि पर विस्तृत चर्चा हुई।
सर्वसम्मति से कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिये 65 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया और सभी पार्षदों ने धार्मिक मर्यादा अनुरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात रखी।
वरिष्ठ पार्षद मदन पचेरवाल ने दुकानों के किराए पर अत्यधिक दाम व अन्य दुकानदारों को ऊँचे दाम पर बेचने पर रोक लगाने की मांग की। पार्षद राधिका खारवाल ने शुगर मिल चौराहे पर प्रस्तावित बाजार का विकास, शिव मंदिर से कृषि मंडी तक रोड लाइट, अतिक्रमण का सीमांकन, मेले के प्रवेश द्वार पर गेट निर्माण तथा अविकसित कॉलोनी पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई। पार्षद राम सिंह गुर्जर ने खाली पड़े प्लॉट में कचरा जमा होने की चिंता व्यक्त की और भूखंड मालिकों को बाध्य करने व अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की।
जाकिर शेख ने ज्वार काश्त कृषि भूमि का मुद्दा उठाया, पार्षद महेश नामा ने नगर पालिका में चाय‑नाश्ते के अनावश्यक खर्च और अविकसित कॉलोनी में निर्माण पर रोक की आवश्यकता बताई। पार्षद मुकेश मेघवाल ने दुकानों के किराए में वृद्धि तथा न्यायालय में चल रहे मामले के निपटारे की बात की। आशीष बिरला ने निजी वाहनों को हटाने, छिपा घाट के पास खाली भूमि पर प्रदर्शनी लगाने और मेले में भ्रष्टाचार रोकने की मांग रखी।
पार्षद रानी कराड ने वार्ड में पार्षद के अलावा अन्य लोगों के हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई, जबकि अधिकांश पार्षदों ने बूंदी उत्सव के खर्च को जिला प्रशासन से करवाने की मांग की। उपाध्यक्ष आदर्श मालवीय ने मेले में दुकानों के अनधिकृत विक्रय पर रोक लगाने की बात दोहराई। बैठक में अध्यक्ष ने सभी पार्षदों की सहमति से कार्तिक मेला एवं अन्य विकास कार्यों को लागू करने का भरोसा दिया और अधीक्षक अधिकारी पूर्णिमा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
सर्वसम्मति से कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिये 65 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया और सभी पार्षदों ने धार्मिक मर्यादा अनुरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात रखी।
वरिष्ठ पार्षद मदन पचेरवाल ने दुकानों के किराए पर अत्यधिक दाम व अन्य दुकानदारों को ऊँचे दाम पर बेचने पर रोक लगाने की मांग की। पार्षद राधिका खारवाल ने शुगर मिल चौराहे पर प्रस्तावित बाजार का विकास, शिव मंदिर से कृषि मंडी तक रोड लाइट, अतिक्रमण का सीमांकन, मेले के प्रवेश द्वार पर गेट निर्माण तथा अविकसित कॉलोनी पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई। पार्षद राम सिंह गुर्जर ने खाली पड़े प्लॉट में कचरा जमा होने की चिंता व्यक्त की और भूखंड मालिकों को बाध्य करने व अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की।
जाकिर शेख ने ज्वार काश्त कृषि भूमि का मुद्दा उठाया, पार्षद महेश नामा ने नगर पालिका में चाय‑नाश्ते के अनावश्यक खर्च और अविकसित कॉलोनी में निर्माण पर रोक की आवश्यकता बताई। पार्षद मुकेश मेघवाल ने दुकानों के किराए में वृद्धि तथा न्यायालय में चल रहे मामले के निपटारे की बात की। आशीष बिरला ने निजी वाहनों को हटाने, छिपा घाट के पास खाली भूमि पर प्रदर्शनी लगाने और मेले में भ्रष्टाचार रोकने की मांग रखी।
पार्षद रानी कराड ने वार्ड में पार्षद के अलावा अन्य लोगों के हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई, जबकि अधिकांश पार्षदों ने बूंदी उत्सव के खर्च को जिला प्रशासन से करवाने की मांग की। उपाध्यक्ष आदर्श मालवीय ने मेले में दुकानों के अनधिकृत विक्रय पर रोक लगाने की बात दोहराई। बैठक में अध्यक्ष ने सभी पार्षदों की सहमति से कार्तिक मेला एवं अन्य विकास कार्यों को लागू करने का भरोसा दिया और अधीक्षक अधिकारी पूर्णिमा शर्मा भी उपस्थित रहीं।