📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
अपराध
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 15 लाख रुपये के भरण-पोषण को कायम रखा, पति को काम करने का आदेश दिया
✍️ The Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 02:38 PM
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 15 लाख रुपये के भरण‑पोषण को मान्य किया और सक्षम पति को रोजगार खोजने का आदेश दिया।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक निर्णय में 15 लाख रुपये के भरण‑पोषण के आदेश को कायम रखा। न्यायालय ने पाया कि पति, जो शारीरिक रूप से सक्षम है, को अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से रोजगार ढूंढना चाहिए। अपने निर्णय में, न्यायाधीशों ने जोर दिया कि भरण‑पोषण एक स्थायी लाभ नहीं बल्कि एक अस्थायी व्यवस्था है जो प्राप्तकर्ता को संक्रमण काल में सहायता करती है। यह निर्णय अदालत के उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है कि एक सक्षम पति अपने स्वयं के आय में योगदान किए बिना पूर्व साथी पर निर्भर नहीं रह सकता।