स्थानीय
करीला धाम मार्ग निर्माण का भूमिपूजन: सिंधिया ने कहा, आदिवासी न होते तो भारत का इतिहास समृद्ध न होता
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले करीला धाम मार्ग के भूमिपूजन के अवसर पर कहा कि आदिवासी समाज के बिना भारत का इतिहास इतना समृद्ध नहीं होता।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर जिले के करीला धाम में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महत्वपूर्ण मार्ग के भूमिपूजन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का भारत के इतिहास और संस्कृति में अमूल्य योगदान है। उनके बिना देश का इतिहास इतना समृद्ध और गौरवशाली नहीं होता।
सिंधिया ने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
भूमिपूजन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर क्षेत्र में विकास की नई धारा बहाने के संकल्प को दोहराया। इस मार्ग के निर्माण से करीला धाम जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सिंधिया ने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
भूमिपूजन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर क्षेत्र में विकास की नई धारा बहाने के संकल्प को दोहराया। इस मार्ग के निर्माण से करीला धाम जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।