कैमूर में बनी 500 टन पशु आहार फैक्ट्री ने डेयरी उद्योग को नया मुकाम दिया
बिहार के कैमूर में स्थित 8 मंजिला ऑटोमेटिक फैक्ट्री रोजाना 500 टन पशु आहार तैयार करती है, जिसमें मक्का समेत कच्चे माल की लैब में जांच और स्टीम तकनीक का उपयोग होता है।
बिहार के कैमूर जिले में स्थित एक विशाल ऑटोमेटिक फैक्ट्री ने रोजाना 500 टन पशु आहार तैयार करने की क्षमता हासिल कर ली है। यह 8 मंजिला प्लांट पूरी तरह से ऑटोमेटिक मशीनों से सुसज्जित है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया तेज़ और स्वच्छ बनी रहती है।
फैक्ट्री में मक्का सहित कच्चे माल की लैब में जांच की जाती है, और स्टीम तकनीक के माध्यम से पशु आहार तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया से पोषक तत्वों की अखंडता बनी रहती है और उत्पादन में किसी भी प्रकार का संदूषण नहीं होता।
किसानों के लिए हाइपो, प्रीमियम, गोल्ड और बाईपास जैसे विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त चारा चुन सकते हैं। कंपनी का दावा है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता और हर बैच का परीक्षण किया जाता है।
यह फैक्ट्री बिहार के डेयरी कारोबार को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है, जिससे स्थानीय किसानों को बेहतर आय और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है।
फैक्ट्री में मक्का सहित कच्चे माल की लैब में जांच की जाती है, और स्टीम तकनीक के माध्यम से पशु आहार तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया से पोषक तत्वों की अखंडता बनी रहती है और उत्पादन में किसी भी प्रकार का संदूषण नहीं होता।
किसानों के लिए हाइपो, प्रीमियम, गोल्ड और बाईपास जैसे विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त चारा चुन सकते हैं। कंपनी का दावा है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता और हर बैच का परीक्षण किया जाता है।
यह फैक्ट्री बिहार के डेयरी कारोबार को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है, जिससे स्थानीय किसानों को बेहतर आय और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है।