📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bright-210
अपराध
जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारी को सूरतगढ़ में सौर कनेक्शन के लिए 10,000 रुपये रिश्वत लेने पर गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 07 सित. 2026, 08:03 PM
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एसीबी ने सूरतगढ़ में जोधपुर डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी सुधीर चलाना को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर कनेक्शन का एससीओ जारी करने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा और गिरफ्तार किया।
सूरतगढ़, राजस्थान – एसीबी ने जोधपुर विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी सुधीर चलाना को सूरतगढ़ में छापा मारते हुए गिरफ्तार किया। उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर कनेक्शन के लिए सेवा कनेक्शन ऑर्डर (एससीओ) जारी करने के बदले 10,000 रुपये की नकद रिश्वत लेते पकड़ा गया।
एसीबी के अनुसार, यह रिश्वत उस एससीओ को जल्दी जारी कराने के लिए दी गई थी, जो घरों को सरकारी सब्सिडी वाले सौर पैनल स्थापित करने की अनुमति देता है। प्रारम्भिक जांच के बाद संबंधित अधिकारी की पहचान कर कार्रवाई की गई और उसे हिरासत में लिया गया।
जांच अभी जारी है और एसीबी ने बताया कि आगे की पूछताछ से यह पता चलेगा कि क्या अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं ने इस घोटाले में भाग लिया है। इस समय कोई अतिरिक्त गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है।
सूर्य घर योजना, जो ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये शुरू की गई है, अभी भी आवेदन प्रक्रिया जारी रखे हुए है, जबकि अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि योजना के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सार्वजनिक कल्याण योजनाओं को भ्रष्टाचार से बचाने में राज्य एंटी‑करप्शन एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाता है।
एसीबी के अनुसार, यह रिश्वत उस एससीओ को जल्दी जारी कराने के लिए दी गई थी, जो घरों को सरकारी सब्सिडी वाले सौर पैनल स्थापित करने की अनुमति देता है। प्रारम्भिक जांच के बाद संबंधित अधिकारी की पहचान कर कार्रवाई की गई और उसे हिरासत में लिया गया।
जांच अभी जारी है और एसीबी ने बताया कि आगे की पूछताछ से यह पता चलेगा कि क्या अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं ने इस घोटाले में भाग लिया है। इस समय कोई अतिरिक्त गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है।
सूर्य घर योजना, जो ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये शुरू की गई है, अभी भी आवेदन प्रक्रिया जारी रखे हुए है, जबकि अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि योजना के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सार्वजनिक कल्याण योजनाओं को भ्रष्टाचार से बचाने में राज्य एंटी‑करप्शन एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाता है।