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अपराध
झारखंड उच्च न्यायालय ने तलाक का याचिका खारिज, कहा अलग रहने वाली पत्नी को अलगाव नहीं माना
✍️ The Indian Express
🗓 16 सित. 2026, 03:37 AM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने एक पुरुष द्वारा दायर तलाक की याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि पत्नी का अलग रहना अलगाव के रूप में नहीं माना जाता।
झारखंड उच्च न्यायालय ने एक पुरुष द्वारा दायर तलाक की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि पत्नी का अलग रहना अलगाव के कानूनी मानदंड को पूरा नहीं करता। इस फैसले के अनुसार, केवल भौतिक अलगाव पर्याप्त नहीं है, जब तक कि परित्याग या वैवाहिक संबंध समाप्त करने का इरादा साबित न हो। यह निर्णय भारतीय तलाक अधिनियम के तहत अलगाव की सीमा को स्पष्ट करता है। पक्षों या उनके अलगाव के कारणों के बारे में और जानकारी जारी नहीं की गई।