📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
शिक्षा
झारखंड की कार्यकर्ता ने बाधाओं को तोड़ते हुए आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए लड़ी
✍️ India Today
🗓 05 सित. 2026, 08:36 PM
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पढ़ाई से रोक दिए जाने के बाद, झारखंड की एक महिला अब आदिवासी बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए काम कर रही हैं।
झारखंड की एक महिला, जिन्हें कभी पढ़ाई छोड़ने को कहा गया था, अब आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए प्रमुख वकालतकर्ता बन गई हैं। व्यक्तिगत बाधाओं को पार करने के बाद, उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को रोकने वाले प्रणालीगत समस्याओं को सुलझाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
उनका काम स्थानीय समुदायों को संगठित करना, NGOs के साथ सहयोग करना और बेहतर स्कूल बुनियादी ढाँचा व शैक्षणिक संसाधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य अधिकारियों से संवाद करना शामिल है। जनजातीय परिवारों द्वारा सामना किए जाने वाले सांस्कृतिक और आर्थिक बाधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाकर, वह नामांकन और निरंतरता दर को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हैं।
उनकी पहल ने नीति निर्माताओं और मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है, जो झारखंड में समावेशी शैक्षिक सुधारों की व्यापक आवश्यकता को उजागर करता है। वह लगातार समर्थन की मांग करती हैं, ताकि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिल सके।
उनका काम स्थानीय समुदायों को संगठित करना, NGOs के साथ सहयोग करना और बेहतर स्कूल बुनियादी ढाँचा व शैक्षणिक संसाधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य अधिकारियों से संवाद करना शामिल है। जनजातीय परिवारों द्वारा सामना किए जाने वाले सांस्कृतिक और आर्थिक बाधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाकर, वह नामांकन और निरंतरता दर को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हैं।
उनकी पहल ने नीति निर्माताओं और मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है, जो झारखंड में समावेशी शैक्षिक सुधारों की व्यापक आवश्यकता को उजागर करता है। वह लगातार समर्थन की मांग करती हैं, ताकि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिल सके।