📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
शिक्षा
सिंगापुर की नौकरी छोड़ भारत के दूरस्थ गाँव में बच्चे को अनस्कूल किया
✍️ India Today
🗓 16 अक्टू. 2026, 12:01 PM
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एक भारतीय दंपती ने सिंगापुर में उच्च वेतन वाली नौकरियाँ छोड़कर भारत के दूरस्थ गाँव में जाकर अपने बच्चे को अनस्कूल करने का फैसला किया।
भारतीय दंपती ने सिंगापुर में उच्च वेतन वाली नौकरियों से इस्तीफा देकर भारत के एक दूरस्थ गाँव में स्थानांतरित होने का फैसला किया। वे अपने बच्चे को पारंपरिक स्कूल प्रणाली के बाहर, अनस्कूलिंग सिद्धांत के तहत शिक्षा देना चाहते हैं, जिसमें स्व‑निर्देशित सीखने पर जोर दिया जाता है।
गाँव में रहने के दौरान वे दैनिक जीवन की गतिविधियों—जैसे खेती, स्थानीय शिल्प और समुदाय के साथ संवाद—को बच्चे की सीखने की प्रक्रिया में शामिल करेंगे। उनका मानना है कि वास्तविक अनुभव जिज्ञासा और आलोचनात्मक सोच को कक्षा शिक्षा से अधिक विकसित करेंगे।
भारत में अनस्कूलिंग अभी भी एक सीमित प्रथा है, पर इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि कुछ अभिभावकों के लिए वैकल्पिक शिक्षा मॉडल आज़माना, विदेश में स्थिर उच्च आय वाले रोजगार को छोड़ने के बराबर महत्वपूर्ण हो गया है।
दंपती ने अपने नए निवास स्थान या रहने की अवधि के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर वे अपनी यात्रा को दस्तावेज़ करने की योजना बना रहे हैं, ताकि समान विचारधारा वाले अन्य लोगों को प्रेरित किया जा सके।
गाँव में रहने के दौरान वे दैनिक जीवन की गतिविधियों—जैसे खेती, स्थानीय शिल्प और समुदाय के साथ संवाद—को बच्चे की सीखने की प्रक्रिया में शामिल करेंगे। उनका मानना है कि वास्तविक अनुभव जिज्ञासा और आलोचनात्मक सोच को कक्षा शिक्षा से अधिक विकसित करेंगे।
भारत में अनस्कूलिंग अभी भी एक सीमित प्रथा है, पर इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि कुछ अभिभावकों के लिए वैकल्पिक शिक्षा मॉडल आज़माना, विदेश में स्थिर उच्च आय वाले रोजगार को छोड़ने के बराबर महत्वपूर्ण हो गया है।
दंपती ने अपने नए निवास स्थान या रहने की अवधि के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर वे अपनी यात्रा को दस्तावेज़ करने की योजना बना रहे हैं, ताकि समान विचारधारा वाले अन्य लोगों को प्रेरित किया जा सके।