📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VD from India
रक्षा
जोधपुर में भारत‑जापान की वायु सेनाएँ करेंगे ‘वीर गार्डियन‑2026’ अभ्यास
✍️ Amar Ujala · Jodhpur
🗓 08 सित. 2026, 11:02 PM
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भारतीय और जापानी वायु सेनाएँ जोधपुर में ‘वीर गार्डियन‑2026’ अभ्यास करेंगे, जिसमें परिचालन तालमेल और अंतर‑संचालनीयता पर ध्यान दिया जाएगा।
नई दिल्ली – भारतीय वायु सेना (IAF) और जापान एयर सेल्फ‑डिफेंस फोर्स (JASDF) ने राजस्थान के जोधपुर हवाई अड्डे पर “वीर गार्डियन‑2026” नामक द्विपक्षीय हवाई अभ्यास शुरू करने की योजना बनाई है। यह अभ्यास इस वर्ष के अंत में आयोजित होगा, जिसमें दोनों देशों के लड़ाकू विमान संयुक्त मिशन का अनुकरण करेंगे और taktical प्रक्रियाओं को परिष्कृत करेंगे।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना, अंतर‑संचालनीयता का परीक्षण करना और हवाई युद्ध में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान‑प्रदान करना है। सिम्युलेटेड जटिल हवाई अभियानों में वायु‑से‑वायु मुकाबला और स्ट्राइक मिशन शामिल होंगे, जिससे दोनों सेनाओं की वास्तविक परिस्थितियों में सहयोग क्षमता का आकलन हो सके।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह अभ्यास भारत‑जापान के रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करता है, विशेषकर इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में। नियमित संयुक्त प्रशिक्षण से दोनों वायु सेनाओं की तत्परता बढ़ेगी और भविष्य के सहयोगी संचालन के लिए आधार तैयार होगा।
जोधपुर का हवाई अड्डा, अपनी ऊँची ऊँचाई और रेगिस्तानी स्थलाकृति के कारण, पायलटों की कौशल और विमान की प्रदर्शन क्षमता की परीक्षा लेता है। इस अभ्यास में ग्राउंड क्रू और सपोर्ट यूनिट्स भी शामिल होंगे, ताकि सभी स्तरों पर समन्वय सहज हो।
“वीर गार्डियन‑2026” अभ्यास कई हफ्तों तक चलेगा, जिसके बाद एक संयुक्त समीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें परिणामों का मूल्यांकन और आगे के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना, अंतर‑संचालनीयता का परीक्षण करना और हवाई युद्ध में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान‑प्रदान करना है। सिम्युलेटेड जटिल हवाई अभियानों में वायु‑से‑वायु मुकाबला और स्ट्राइक मिशन शामिल होंगे, जिससे दोनों सेनाओं की वास्तविक परिस्थितियों में सहयोग क्षमता का आकलन हो सके।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह अभ्यास भारत‑जापान के रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करता है, विशेषकर इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में। नियमित संयुक्त प्रशिक्षण से दोनों वायु सेनाओं की तत्परता बढ़ेगी और भविष्य के सहयोगी संचालन के लिए आधार तैयार होगा।
जोधपुर का हवाई अड्डा, अपनी ऊँची ऊँचाई और रेगिस्तानी स्थलाकृति के कारण, पायलटों की कौशल और विमान की प्रदर्शन क्षमता की परीक्षा लेता है। इस अभ्यास में ग्राउंड क्रू और सपोर्ट यूनिट्स भी शामिल होंगे, ताकि सभी स्तरों पर समन्वय सहज हो।
“वीर गार्डियन‑2026” अभ्यास कई हफ्तों तक चलेगा, जिसके बाद एक संयुक्त समीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें परिणामों का मूल्यांकन और आगे के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।