🔥 TRENDING Police Probe Fatal Shooting in Vallejo... Telangana Labour Department Summons Ra... Labour Dept Issues Notice to Mythri Mo... Mizoram Prohibits Unrestricted Student... India Shifts Focus from Large Hydro Da... Delhi Police Detain Hundreds at Arunac...
01 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
झीरम घाटी पर फिर सियासी संग्राम, नार्को टेस्ट की मांग पर कृषि मंत्री ने कांग्रेस को ही घेरा
Politics

झीरम घाटी पर फिर सियासी संग्राम, नार्को टेस्ट की मांग पर कृषि मंत्री ने कांग्रेस को ही घेरा

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 09 Sep 2026, 09:47 AM 👁 82
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ओर से तत्कालीन सरकार के शीर्ष अधिकारियों के नार्को टेस्ट की मांग किए जाने के बाद अब भाजपा सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दूसरों के नार्को टेस्ट की मांग करने से पहले दीपक बैज को खुद अपना नार्को टेस्ट करवाना चाहिए।
कृषि मंत्री बोले, पहले खुद कराएं नार्को टेस्ट

रामविचार नेताम ने दीपक बैज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नार्को टेस्ट की शुरुआत उन्हीं से होनी चाहिए, जो इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का नंबर बाद में आएगा, पहले दीपक बैज को अपना नार्को टेस्ट करवाना चाहिए।मंत्री ने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर चुकी है और जांच के बाद न्यायालय का फैसला भी सामने आ चुका है। अगर कांग्रेस इस निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो उसके पास उच्च न्यायालय में जाने का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद लगातार सवाल खड़े करना उचित नहीं है।

न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाने को बताया गलत

कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब न्यायालय का फैसला उसके पक्ष में आता है तो उसे सही माना जाता है, लेकिन निर्णय विपरीत होने पर आरोप लगाने की राजनीति शुरू हो जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताया।रामविचार नेताम ने कहा कि संवैधानिक और महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले लोगों से इस तरह की बयानबाजी की उम्मीद नहीं की जाती। उनके मुताबिक किसी मामले में असहमति है तो उसके लिए न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना चाहिए।

दीपक बैज ने फैसले पर उठाए थे गंभीर सवाल

दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने झीरम घाटी मामले में आए फैसले को लेकर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि इस निर्णय से घटना में मारे गए लोगों के परिवारों, छत्तीसगढ़ की जनता और कांग्रेस को अपेक्षित न्याय नहीं मिला।बैज ने सवाल उठाया था कि इतनी बड़ी घटना को क्या केवल 10 लोगों ने अंजाम दिया था। उनका दावा था कि झीरम घाटी हमले में सैकड़ों नक्सली शामिल थे और एक दर्जन से अधिक लोग इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य भूमिका में थे।

तत्कालीन सरकार के कई बड़े अधिकारियों के टेस्ट की मांग

दीपक बैज ने मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और एडीजी नक्सल ऑपरेशन समेत कई अधिकारियों के नार्को टेस्ट की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार और नक्सलियों के बीच सांठगांठ थी और यह संबंध अभी भी कायम है।बैज के इसी बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर न्यायिक व्यवस्था पर अविश्वास जताने का आरोप लगाया है। अब दोनों दलों के बीच झीरम घाटी मामले को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
📲Get App