📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / iMahesh
धर्म
हाई कोर्ट ने निर्णय दिया: पत्नी का पारंपरिक रीति-रिवाजों से इनकार क्रूरता नहीं
✍️ The Indian Express
🗓 07 सित. 2026, 07:09 PM
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आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पत्नी का पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन न करना क्रूरता नहीं है।
मंगलवार को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक निर्णय दिया जिसमें कहा गया कि पत्नी का पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन न करना क्रूरता नहीं है।
न्यायालय ने एक पति द्वारा दायर याचिका पर विचार किया, जिसमें उसने दावा किया था कि उसकी पत्नी की पारंपरिक प्रथाओं का पालन न करना एक प्रकार का दुरुपयोग है।
अपने निर्णय में, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि क्रूरता के लिए शारीरिक या मानसिक हानि पहुँचाने का इरादा आवश्यक है, जो इस मामले में अनुपस्थित था।
न्यायालय ने वैवाहिक संबंधों में व्यक्तिगत स्वायत्तता का सम्मान करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
यह निर्णय सांस्कृतिक प्रथाओं से संबंधित समान विवादों के लिए एक कानूनी मिसाल प्रस्तुत करता है।
न्यायालय ने एक पति द्वारा दायर याचिका पर विचार किया, जिसमें उसने दावा किया था कि उसकी पत्नी की पारंपरिक प्रथाओं का पालन न करना एक प्रकार का दुरुपयोग है।
अपने निर्णय में, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि क्रूरता के लिए शारीरिक या मानसिक हानि पहुँचाने का इरादा आवश्यक है, जो इस मामले में अनुपस्थित था।
न्यायालय ने वैवाहिक संबंधों में व्यक्तिगत स्वायत्तता का सम्मान करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
यह निर्णय सांस्कृतिक प्रथाओं से संबंधित समान विवादों के लिए एक कानूनी मिसाल प्रस्तुत करता है।