📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Public
राजनीति
गुजरात की क्षेत्रीय पार्टियों को बीजेपी को छोड़ सभी राष्ट्रीय पार्टियों से अधिक दान मिले
✍️ scroll.in
🗓 05 सित. 2026, 12:32 PM
👁 18
Scroll.in की रिपोर्ट में बताया गया है कि छह गुजरात‑आधारित पार्टियों को बीजेपी को छोड़ सभी राष्ट्रीय पार्टियों से अधिक दान प्राप्त हुए हैं।
Scroll.in द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात में स्थित छह राजनीतिक संगठनों को मिली कुल दान राशि सभी राष्ट्रीय पार्टियों के कुल दान से अधिक है, केवल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को छोड़कर। यह निष्कर्ष चुनाव आयोग में दाखिल किए गए दान डेटा पर आधारित है, जो देश भर के राजनीतिक संगठनों को मिलने वाले योगदान को ट्रैक करता है।
बीजेपी राष्ट्रीय पार्टियों में सबसे अधिक दान प्राप्त करने वाला दल बना हुआ है, परंतु गुजरात की इन छह संगठनों को मिला संयुक्त दान राशि कांग्रेस, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी और अन्य राष्ट्रीय गठबंधनों के कुल दान से अधिक हो गया है। यह राजनीतिक वित्तपोषण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जो राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों की बढ़ती आर्थिक समर्थन को उजागर करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दान में इस वृद्धि से गुजरात की बदलती चुनावी गतिशीलता का संकेत मिलता है, जहाँ क्षेत्रीय पार्टियां स्थानीय मुद्दों और नेतृत्व का उपयोग करके दाताओं को आकर्षित कर रही हैं। बढ़ा हुआ वित्तीय समर्थन इन संगठनों को आगामी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में अपने प्रचार‑प्रसार और कार्यक्षेत्र को विस्तारित करने में मदद कर सकता है।
हालांकि इस बढ़े हुए दान का वास्तविक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है, रिपोर्ट यह रेखांकित करती है कि गुजरात के राजनीतिक परिदृश्य में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका महत्वपूर्ण है और वे राष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों के बराबर या उससे अधिक संसाधन जुटा रही हैं।
बीजेपी राष्ट्रीय पार्टियों में सबसे अधिक दान प्राप्त करने वाला दल बना हुआ है, परंतु गुजरात की इन छह संगठनों को मिला संयुक्त दान राशि कांग्रेस, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी और अन्य राष्ट्रीय गठबंधनों के कुल दान से अधिक हो गया है। यह राजनीतिक वित्तपोषण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जो राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों की बढ़ती आर्थिक समर्थन को उजागर करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दान में इस वृद्धि से गुजरात की बदलती चुनावी गतिशीलता का संकेत मिलता है, जहाँ क्षेत्रीय पार्टियां स्थानीय मुद्दों और नेतृत्व का उपयोग करके दाताओं को आकर्षित कर रही हैं। बढ़ा हुआ वित्तीय समर्थन इन संगठनों को आगामी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में अपने प्रचार‑प्रसार और कार्यक्षेत्र को विस्तारित करने में मदद कर सकता है।
हालांकि इस बढ़े हुए दान का वास्तविक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है, रिपोर्ट यह रेखांकित करती है कि गुजरात के राजनीतिक परिदृश्य में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका महत्वपूर्ण है और वे राष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों के बराबर या उससे अधिक संसाधन जुटा रही हैं।