📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
अपराध
गुजरात हाई कोर्ट ने 2013 के यौन अपराध मामले में असरम की टेम्पररी जमानत खारिज की
✍️ Live Law
🗓 08 सित. 2026, 06:18 PM
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गुजरात हाई कोर्ट ने असरम को 2013 के बलात्कार मामले में टेम्पररी जमानत नहीं दी, जिससे वह हिरासत में रहेगा।
गुजरात हाई कोर्ट ने असरम द्वारा दायर टेम्पररी जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है, जो 2013 के बलात्कार मामले में दंडित हुए स्व-घोषित साधु हैं। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान परिस्थितियों में रिहाई देना उचित नहीं है, इसलिए असरम को हिरासत में रखा गया है और मुकदमे की सामान्य कार्यवाही जारी रहेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला यह दर्शाता है कि न्यायपालिका यौन अपराधों को, विशेषकर उच्च प्रोफ़ाइल व्यक्तियों के मामलों को, कितनी गंभीरता से ले रही है। जमानत से इनकार का अर्थ यह भी है कि आगे की किसी भी जमानत याचिका को कड़ी शर्तों को पूरा करना पड़ेगा।
2013 से चल रहा यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी रुचि का विषय रहा है और मीडिया व जनता दोनों की निगरानी में है। कोर्ट का आदेश आधिकारिक दस्तावेज़ में दर्ज किया जाएगा और यदि असरम की कानूनी टीम चाहें तो इसे उच्च न्यायालय में अपील किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला यह दर्शाता है कि न्यायपालिका यौन अपराधों को, विशेषकर उच्च प्रोफ़ाइल व्यक्तियों के मामलों को, कितनी गंभीरता से ले रही है। जमानत से इनकार का अर्थ यह भी है कि आगे की किसी भी जमानत याचिका को कड़ी शर्तों को पूरा करना पड़ेगा।
2013 से चल रहा यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी रुचि का विषय रहा है और मीडिया व जनता दोनों की निगरानी में है। कोर्ट का आदेश आधिकारिक दस्तावेज़ में दर्ज किया जाएगा और यदि असरम की कानूनी टीम चाहें तो इसे उच्च न्यायालय में अपील किया जा सकता है।