📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chakumar at English Wikipedia
मौसम
गंगा की बैकवॉटर से सरमेरे में जलस्तर बढ़ा, बांधों पर दबाव, 350 बीघा फसल डूबी
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 12 सित. 2026, 10:18 AM
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गंगा की बैकवॉटर ने नालंदा के सरमेरे में जलस्तर बढ़ा दिया, जिससे स्थानीय बांधों पर दबाव बढ़ा और लगभग 350 बीघा धान‑मक्के की फसल डूब गई।
गंगा की बैकवॉटर ने नालंदा के सरमेरे प्रखंड में लगातार चार दिन जलस्तर बढ़ा दिया, जिससे गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। पेंदी, सदहा और पुरानी इसुआ के बांधों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है, जिससे टूटने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, लगभग 350 बीघा धान‑मक्के की फसल अब दस फीट तक पानी में डूबी हुई है, जिससे किसानों को इस मौसम की पूरी फसल का नुकसान झेलना पड़ेगा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि बांधों पर दबाव कम नहीं किया गया तो टूटने से आसपास के गांवों में बाढ़ और बढ़ सकती है। राहत दलों को स्थिति की निगरानी और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तैनात किया गया है, जबकि जल निकासी के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
यह घटना बिहार के निचले-भूभाग में स्थित कृषि क्षेत्रों की मौसमी बैकवॉटर बाढ़ के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है और क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, लगभग 350 बीघा धान‑मक्के की फसल अब दस फीट तक पानी में डूबी हुई है, जिससे किसानों को इस मौसम की पूरी फसल का नुकसान झेलना पड़ेगा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि बांधों पर दबाव कम नहीं किया गया तो टूटने से आसपास के गांवों में बाढ़ और बढ़ सकती है। राहत दलों को स्थिति की निगरानी और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तैनात किया गया है, जबकि जल निकासी के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
यह घटना बिहार के निचले-भूभाग में स्थित कृषि क्षेत्रों की मौसमी बैकवॉटर बाढ़ के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है और क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।