📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AndyScott
धर्म
27 साल के मुक़ाबले के बाद बाबा बने कांस्टेबल ने फिर पहना पुलिस वर्दी
✍️ NDTV
🗓 03 सित. 2026, 05:32 AM
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27 साल की कानूनी लड़ाई के बाद बाबा बन चुके पूर्व कांस्टेबल को फिर से पुलिस वर्दी पहनने की अनुमति मिली।
एक अदालत ने एक पूर्व पुलिस कांस्टेबल, जो बाबा बनकर आध्यात्मिक कार्य कर रहे थे, को 27 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फिर से पुलिस वर्दी पहनने की अनुमति दी है। यह निर्णय देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चले ऐसे मामलों में से एक का अंत दर्शाता है।
कांस्टेबल कई साल पहले सक्रिय सेवा से हटकर बाबा का उपनाम लेकर आध्यात्मिक अनुयायियों को जुटा चुके थे। अपनी सेवा से बाहर रहने के दौरान उन्होंने वर्दी को अपनी पहचान का हिस्सा मानते हुए कई न्यायालयों में याचिकाएँ दायर कीं, जिससे यह मुक़ाबला कई अपीलों तक पहुँच गया।
न्यायालयों ने यह पाया कि उनका अनुरोध किसी भी सेवा नियम का उल्लंघन नहीं करता और वर्दी के साथ उनका संबंध वैध है। इस फैसले का उनके अनुयायियों द्वारा स्वागत किया गया है, जो इसे कानून के रक्षक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक दोनों के रूप में उनके दोहरे रोल का प्रतीक मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला पुलिस कर्मियों के सेवा‑पश्चात अधिकारों की जटिलताओं को उजागर करता है, विशेषकर जब व्यक्तिगत परिवर्तन आधिकारिक प्रतीकों से जुड़ते हैं। भविष्य में समान याचिकाओं के लिए यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।
कांस्टेबल कई साल पहले सक्रिय सेवा से हटकर बाबा का उपनाम लेकर आध्यात्मिक अनुयायियों को जुटा चुके थे। अपनी सेवा से बाहर रहने के दौरान उन्होंने वर्दी को अपनी पहचान का हिस्सा मानते हुए कई न्यायालयों में याचिकाएँ दायर कीं, जिससे यह मुक़ाबला कई अपीलों तक पहुँच गया।
न्यायालयों ने यह पाया कि उनका अनुरोध किसी भी सेवा नियम का उल्लंघन नहीं करता और वर्दी के साथ उनका संबंध वैध है। इस फैसले का उनके अनुयायियों द्वारा स्वागत किया गया है, जो इसे कानून के रक्षक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक दोनों के रूप में उनके दोहरे रोल का प्रतीक मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला पुलिस कर्मियों के सेवा‑पश्चात अधिकारों की जटिलताओं को उजागर करता है, विशेषकर जब व्यक्तिगत परिवर्तन आधिकारिक प्रतीकों से जुड़ते हैं। भविष्य में समान याचिकाओं के लिए यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।