📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Portal Ambiental de Andalucía. REDIAM. WMS Zonas i
मौसम
उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने 17,500 लोगों को निकाला, 3.53 लाख प्रभावित
✍️ India Today
🗓 04 सित. 2026, 03:37 PM
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भारी बारिश से उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई, जिससे 17,500 लोगों को निकाला गया और लगभग 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए।
पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में व्यापक बाढ़ ला दी है। इस कारण 17,500 लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया, जबकि लगभग 3.53 लाख लोग सीधे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस ने नावों व हाई‑वॉटर वाहन का उपयोग कर बचाव कार्य तेज़ी से चलाया है। अस्थायी आश्रयस्थलों को स्कूलों और सामुदायिक सभागारों में स्थापित किया गया है, जहाँ निर्वासितों को भोजन, साफ़ पानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ ने सड़कों को बाधित कर दिया है, सार्वजनिक परिवहन रुक गया है और कई कृषि क्षेत्रों में जलभराव हो गया है, जिससे आगामी बुवाई मौसम में फसल नुकसान का खतरा बढ़ गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से कटती रही है और कई गांव अभी भी कटे हुए हैं।
सरकारी अधिकारियों ने अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए जनता से सहयोग का अनुरोध किया है और आगे के दिनों में अतिरिक्त राहत सामग्री प्रदान करने का आश्वासन दिया है। नदी के स्तर और मौसम पूर्वानुमान की निरंतर निगरानी के आधार पर आगे की निकासी कार्यवाही तय की जाएगी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस ने नावों व हाई‑वॉटर वाहन का उपयोग कर बचाव कार्य तेज़ी से चलाया है। अस्थायी आश्रयस्थलों को स्कूलों और सामुदायिक सभागारों में स्थापित किया गया है, जहाँ निर्वासितों को भोजन, साफ़ पानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ ने सड़कों को बाधित कर दिया है, सार्वजनिक परिवहन रुक गया है और कई कृषि क्षेत्रों में जलभराव हो गया है, जिससे आगामी बुवाई मौसम में फसल नुकसान का खतरा बढ़ गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से कटती रही है और कई गांव अभी भी कटे हुए हैं।
सरकारी अधिकारियों ने अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए जनता से सहयोग का अनुरोध किया है और आगे के दिनों में अतिरिक्त राहत सामग्री प्रदान करने का आश्वासन दिया है। नदी के स्तर और मौसम पूर्वानुमान की निरंतर निगरानी के आधार पर आगे की निकासी कार्यवाही तय की जाएगी।