📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Charles J. Sharp
स्थानीय
उमरिया के लखनोटी में मछली तालाब के पास बाघिन अपने तीन शावकों के साथ दिखाई, ग्रामीणों में दहशत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 नव. 2026, 03:31 PM
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उमरिया जिले के लखनोटी गाँव में मछली तालाब के पास बाघिन अपने तीन शावकों के साथ दिखी, जिससे ग्रामीणों में डर फैल गया। बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के वन अधिकारी निगरानी के लिए भेजे गए हैं।
शुक्रवार सुबह, उमरिया जिले के मानपुर तहसील के लखनोटी गाँव में मछली तालाब के पास बाघिन अपने तीन शावकों के साथ देखी गई। इस अप्रत्याशित दृश्य ने गाँव के लोगों में डर पैदा कर दिया, जिन्होंने तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी।
रिपोर्टों के अनुसार, बाघिन और उसके शावक तालाब के किनारे धीरे‑धीरे चल रहे थे, जिससे ग्रामीणों ने घरों में रहने और दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया। यह घटना वन‑मानव टकराव की संभावनाओं को उजागर करती है, क्योंकि इस क्षेत्र में कृषि भूमि और जल स्रोत अक्सर वन्यजीवों को आकर्षित करते हैं।
इस सूचना पर, निकटवर्ती बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के वन अधिकारी तुरंत कार्रवाई में जुटे। वन रक्षक और निगरानी दल ने बाघिन के परिवार की चाल को ट्रैक करने और लोगों व जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अस्थायी अवलोकन पोस्ट स्थापित किया है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे इस क्षेत्र से दूर रहें और आगे किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना दें। यह घटना मध्य भारत में ग्रामीण बस्तियों के पास बाघों के आवास को प्रबंधित करने की चुनौती को फिर से सामने लाती है।
वन विभाग बाघिन और उसके शावकों की निरंतर निगरानी करेगा और केवल तभी स्थानांतरण पर विचार करेगा जब जानवरों से मानव जीवन या संपत्ति को सीधा खतरा हो, जैसा कि मानक वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल में निर्धारित है।
रिपोर्टों के अनुसार, बाघिन और उसके शावक तालाब के किनारे धीरे‑धीरे चल रहे थे, जिससे ग्रामीणों ने घरों में रहने और दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया। यह घटना वन‑मानव टकराव की संभावनाओं को उजागर करती है, क्योंकि इस क्षेत्र में कृषि भूमि और जल स्रोत अक्सर वन्यजीवों को आकर्षित करते हैं।
इस सूचना पर, निकटवर्ती बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के वन अधिकारी तुरंत कार्रवाई में जुटे। वन रक्षक और निगरानी दल ने बाघिन के परिवार की चाल को ट्रैक करने और लोगों व जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अस्थायी अवलोकन पोस्ट स्थापित किया है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे इस क्षेत्र से दूर रहें और आगे किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना दें। यह घटना मध्य भारत में ग्रामीण बस्तियों के पास बाघों के आवास को प्रबंधित करने की चुनौती को फिर से सामने लाती है।
वन विभाग बाघिन और उसके शावकों की निरंतर निगरानी करेगा और केवल तभी स्थानांतरण पर विचार करेगा जब जानवरों से मानव जीवन या संपत्ति को सीधा खतरा हो, जैसा कि मानक वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल में निर्धारित है।