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08 अक्टू. 2026•
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स्वास्थ्य

फर्रुखाबाद: स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ राज्यपाल से जांच की मांग

✍️ रिपोर्टर: Mohit Khanna 🗓 08 अक्टू. 2026, 05:20 PM 👁 17
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य शुभम तिवारी एडवोकेट ने फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, मरीजों के अधिकारों के हनन और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

फर्रुखाबाद। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शुभम तिवारी एडवोकेट ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, गरीब मरीजों के अधिकारों के हनन और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त खामियों की उच्चस्तरीय जांच और सुधार की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक और आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। फर्रुखाबाद के जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र में मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद पर्याप्त डॉक्टर व आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए हैं। शुभम तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी दवाओं के अतिरिक्त मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए पर्चियां दी जाती हैं, जबकि नियोजन केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं रहतीं।

उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर भी चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया है कि अस्पताल में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। साथ ही, निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर गरीब मरीजों पर पड़ने वाले अत्यधिक आर्थिक बोझ का मुद्दा भी उठाया गया है।

शुभम तिवारी ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर एवं समुचित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
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