📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
स्वास्थ्य
फडनविस ने मरीजों के परिवारों के लिए भोजन, आवास व मार्गदर्शन योजना का प्रस्ताव रखा
✍️ Mid-Day
🗓 23 अग. 2026, 09:36 PM
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविस ने राज्य के अस्पतालों में रोगियों के परिवारों को भोजन, आवास और सहायता प्रदान करने की योजना का प्रस्ताव रखा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविस ने राज्य के अस्पतालों में भर्ती रोगियों के परिवारों के बोझ को कम करने के लिए एक योजना पेश की। इस प्रस्तावित तंत्र के तहत भोजन, अस्थायी आवास और अस्पताल में मौजूद मार्गदर्शन केंद्र की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रिश्तेदारों को चिकित्सा प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी।
योजना में राज्य स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रशासन और स्थानीय कल्याण एजेंसियों के बीच सहयोग का प्रावधान है, जिससे प्रमुख अस्पतालों के निकट विशेष सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी। इन सुविधाओं में बुनियादी आवास, सब्सिडी वाले भोजन और प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा संचालित सहायता डेस्क होगा, जहाँ परिवार उपचार समय‑सारिणी, डिस्चार्ज प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
फडनविस ने बताया कि कई परिवार दूर‑दराज से आते हैं और लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करते हैं, जो रोगी देखभाल को प्रभावित कर सकती हैं। समर्थन सेवाओं को संस्थागत बनाकर सरकार का लक्ष्य देखभाल करने वालों के तनाव को कम करना और अस्पताल में कुल अनुभव को बेहतर बनाना है। इस प्रस्ताव की आगे की समीक्षा राज्य मंत्रिमंडल करेगा और कार्यान्वयन की समय‑सीमा तय की जाएगी।
योजना में राज्य स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रशासन और स्थानीय कल्याण एजेंसियों के बीच सहयोग का प्रावधान है, जिससे प्रमुख अस्पतालों के निकट विशेष सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी। इन सुविधाओं में बुनियादी आवास, सब्सिडी वाले भोजन और प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा संचालित सहायता डेस्क होगा, जहाँ परिवार उपचार समय‑सारिणी, डिस्चार्ज प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
फडनविस ने बताया कि कई परिवार दूर‑दराज से आते हैं और लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करते हैं, जो रोगी देखभाल को प्रभावित कर सकती हैं। समर्थन सेवाओं को संस्थागत बनाकर सरकार का लक्ष्य देखभाल करने वालों के तनाव को कम करना और अस्पताल में कुल अनुभव को बेहतर बनाना है। इस प्रस्ताव की आगे की समीक्षा राज्य मंत्रिमंडल करेगा और कार्यान्वयन की समय‑सीमा तय की जाएगी।