📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
रक्षा
KCSS 2026 में विशेषज्ञों ने एआई और डिजिटल संप्रभुता को राष्ट्रीय सुरक्षा की कुंजी बताया
✍️ business-standard.com
🗓 10 सित. 2026, 03:02 AM
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KCSS 2026 सम्मेलन में सुरक्षा विश्लेषकों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल संप्रभुता भारत की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति के अनिवार्य तत्व हैं।
KCSS 2026 मंच पर एकत्रित विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को तैयार करते समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल संप्रभुता को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विदेशी एआई प्लेटफ़ॉर्म और बाहरी डेटा सेंटरों पर निर्भरता महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को रणनीतिक जोखिमों के सामने लाती है, जिससे रक्षा संचार और खुफिया जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
वक्ता स्वदेशी एआई क्षमताओं के विकास, घरेलू डेटा भंडारण की सुरक्षा और डिजिटल संपत्तियों को बाहरी प्रभाव से बचाने के लिए नियामक ढाँचा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
ऐसे कदम भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने और उभरती तकनीकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उपयोग करने के लिए आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि विदेशी एआई प्लेटफ़ॉर्म और बाहरी डेटा सेंटरों पर निर्भरता महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को रणनीतिक जोखिमों के सामने लाती है, जिससे रक्षा संचार और खुफिया जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
वक्ता स्वदेशी एआई क्षमताओं के विकास, घरेलू डेटा भंडारण की सुरक्षा और डिजिटल संपत्तियों को बाहरी प्रभाव से बचाने के लिए नियामक ढाँचा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
ऐसे कदम भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने और उभरती तकनीकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उपयोग करने के लिए आवश्यक हैं।