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03 नव. 2026•
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एनटीपीसी पर 25 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप, डायनामाइट से उड़ाया पानी का टावर

✍️ रिपोर्टर: Akash Bharti 🗓 03 नव. 2026, 07:51 AM 👁 59
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हजारीबाग में एनटीपीसी के खनन कार्य के दौरान पेयजल विभाग के पानी के टावर को बिना सूचना के डायनामाइट से उड़ा दिया गया। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने 25 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाते हुए केरेडारी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

हजारीबाग के केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्र में एनटीपीसी (NTPC) के खनन कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ताजा मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पानी के टावर को डायनामाइट से ध्वस्त किए जाने का है, जिसके बाद राज्य सरकार ने एनटीपीसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है।

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने एनटीपीसी की इस कार्रवाई पर तीखा ऐतराज जताया है। मंत्री का आरोप है कि कंपनी ने विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के करोड़ों रुपये की लागत से बने पानी के टावर को विस्फोट से उड़ा दिया। मंत्री के मुताबिक, इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के कारण राज्य सरकार को करीब 25 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केरेडारी थाने में आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

दूसरी ओर, एनटीपीसी प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जिस भूमि पर पानी का टावर स्थित था, वह अधिग्रहित खनन क्षेत्र के अंतर्गत आती है। कंपनी का दावा है कि इस कार्रवाई और संरचना को हटाने से संबंधित जानकारी जिला प्रशासन को पहले ही दी जा चुकी थी। अब देखना यह होगा कि इस उच्चस्तरीय विवाद और एफआईआर के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है।
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