📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
रक्षा
धुबरी डीआईजी ने असम‑बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा समीक्षा की
✍️ India Today NE
🗓 28 अग. 2026, 01:32 PM
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धुबरी जिले के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने भारत‑बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा उपायों की जाँच की, सीमा पार चुनौतियों के मद्देनज़र सतर्कता पर ज़ोर दिया।
धुबरी, असम के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने भारत‑बांग्लादेश सीमा के 150 किलोमीटर के हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की। इस निरीक्षण में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीमा चौकी के कमांडर और स्थानीय प्रशासनिक प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने गश्त के पैटर्न, निगरानी उपकरण और सुरक्षा बलों की तत्परता का मूल्यांकन किया।
असम पुलिस के बयान के अनुसार, डीआईजी ने हाल ही में रिपोर्ट किए गए अवैध पारगमन और तस्करी की कोशिशों को देखते हुए सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने गश्त दलों की संख्या बढ़ाने, रात्रि‑दृष्टि उपकरण को अपग्रेड करने और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के साथ समन्वय को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में सीमा‑पड़ोसी क्षेत्रों के निवासियों और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाले जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की जागरूकता अवैध गतिविधियों को रोकने और संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की शीघ्र सूचना देने में मददगार होगी।
निरीक्षण के दौरान कोई घटना दर्ज नहीं हुई, और डीआईजी ने कहा कि वर्तमान उपाय अधिकांशतः प्रभावी हैं, परन्तु उभरते जोखिमों से निपटने के लिए समय‑समय पर ऑडिट की सिफारिश की।
यह कदम असम‑बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के राज्य के संकल्प को दर्शाता है, जो इस अंतरराष्ट्रीय सीमा की रणनीतिक महत्त्व को देखते हुए आवश्यक है।
असम पुलिस के बयान के अनुसार, डीआईजी ने हाल ही में रिपोर्ट किए गए अवैध पारगमन और तस्करी की कोशिशों को देखते हुए सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने गश्त दलों की संख्या बढ़ाने, रात्रि‑दृष्टि उपकरण को अपग्रेड करने और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के साथ समन्वय को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण में सीमा‑पड़ोसी क्षेत्रों के निवासियों और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाले जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की जागरूकता अवैध गतिविधियों को रोकने और संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की शीघ्र सूचना देने में मददगार होगी।
निरीक्षण के दौरान कोई घटना दर्ज नहीं हुई, और डीआईजी ने कहा कि वर्तमान उपाय अधिकांशतः प्रभावी हैं, परन्तु उभरते जोखिमों से निपटने के लिए समय‑समय पर ऑडिट की सिफारिश की।
यह कदम असम‑बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के राज्य के संकल्प को दर्शाता है, जो इस अंतरराष्ट्रीय सीमा की रणनीतिक महत्त्व को देखते हुए आवश्यक है।