📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamlesh.legalaid
अपराध
दिली उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया: फुटपाथ पर सोना कदाचार नहीं
✍️ ThePrint
🗓 26 जुल. 2026, 07:19 PM
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दिली उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि फुटपाथ पर सोना कदाचार नहीं माना जाएगा, पैदल यात्री सुरक्षा पर कानूनी दृष्टिकोण स्पष्ट किया।
दिली उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिए गए निर्णय में कहा कि फुटपाथ पर सोना कदाचार नहीं माना जाता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी कार्य को कदाचार माना जाने के लिए उस पर कर्तव्य और उसके उल्लंघन का स्पष्ट प्रमाण होना चाहिए, जो कि सिर्फ सड़क पर सोने के मामले में मौजूद नहीं है।
न्यायालय ने बताया कि पैदल यात्रियों से आम तौर पर फुटपाथ या निर्धारित पैदल मार्ग का उपयोग करने की अपेक्षा की जाती है, परंतु सोने की क्रिया स्वयं में किसी जोखिम का निर्माण नहीं करती जो कर्तव्य के उल्लंघन के रूप में देखा जा सके। इस प्रकार, निर्णय ने ऐसे मामलों में कदाचार की मान्यता को समाप्त कर दिया।
यह फैसला भविष्य में उन मामलों पर प्रभाव डाल सकता है जहाँ पीड़ित को सड़क पर सोते हुए पाया गया हो। वकील अब ऐसे मामलों में कदाचार स्थापित करने के लिए स्पष्ट मानदंड पा सकते हैं।
न्यायालय ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पैदल यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए फुटपाथ, पर्याप्त रोशनी और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान दें, बजाय केवल पैदल यात्रियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के।
न्यायालय ने बताया कि पैदल यात्रियों से आम तौर पर फुटपाथ या निर्धारित पैदल मार्ग का उपयोग करने की अपेक्षा की जाती है, परंतु सोने की क्रिया स्वयं में किसी जोखिम का निर्माण नहीं करती जो कर्तव्य के उल्लंघन के रूप में देखा जा सके। इस प्रकार, निर्णय ने ऐसे मामलों में कदाचार की मान्यता को समाप्त कर दिया।
यह फैसला भविष्य में उन मामलों पर प्रभाव डाल सकता है जहाँ पीड़ित को सड़क पर सोते हुए पाया गया हो। वकील अब ऐसे मामलों में कदाचार स्थापित करने के लिए स्पष्ट मानदंड पा सकते हैं।
न्यायालय ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पैदल यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए फुटपाथ, पर्याप्त रोशनी और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान दें, बजाय केवल पैदल यात्रियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के।