📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Юрий Д.К.
रक्षा
रक्षा मंत्री ने विमर्श DRDO‑उद्योग समन्वय बैठक में MSME एवं स्टार्ट‑अप नीति का शुभारंभ किया
✍️ TRIPURA STAR NEWS
🗓 16 सित. 2026, 04:47 AM
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विमर्श DRDO‑उद्योग समन्वय बैठक में रक्षा मंत्री ने MSME और स्टार्ट‑अप को सशक्त बनाने के लिए नई नीति और लाइसेंसधारी उद्योगों के साथ सॉफ्टवेयर स्रोत कोड साझा करने का ढाँचा पेश किया।
विमर्श DRDO‑उद्योग समन्वय बैठक में रक्षा मंत्री ने माइक्रो, स्मॉल और मिडियम एंटरप्राइज़ (MSME) और स्टार्ट‑अप को रक्षा क्षेत्र में शामिल करने के लिए नई नीति पहल की घोषणा की।
इन उपायों में MSME‑आधारित निविदाओं के लिए सुव्यवस्थित प्रक्रियाएँ, प्राथमिकता और वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं, जिससे नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही, मंत्री ने एक नया ढाँचा पेश किया जो लाइसेंसधारी उद्योगों को DRDO द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर स्रोत कोड तक पहुँच और उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे रक्षा अनुप्रयोगों के विकास का समय कम होगा।
इन कदमों का उद्देश्य एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना, स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाना और भारत की सशस्त्र सेनाओं में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के एकीकरण को तेज करना है।
इन उपायों में MSME‑आधारित निविदाओं के लिए सुव्यवस्थित प्रक्रियाएँ, प्राथमिकता और वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं, जिससे नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही, मंत्री ने एक नया ढाँचा पेश किया जो लाइसेंसधारी उद्योगों को DRDO द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर स्रोत कोड तक पहुँच और उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे रक्षा अनुप्रयोगों के विकास का समय कम होगा।
इन कदमों का उद्देश्य एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना, स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाना और भारत की सशस्त्र सेनाओं में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के एकीकरण को तेज करना है।