📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Heavy Industries and Public Enterprise
मौसम
गहरी अवपात से ओडिशा में भारी बारिश और व्यापक नुकसान
✍️ Kanak News Odisha
🗓 26 सित. 2026, 02:07 AM
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बंगाल की खाड़ी में गहरी अवपात ने ओडिशा में तीव्र बारिश कराई, जिससे कई जिलों में बाढ़ और नुकसान हुआ।
बंगाल की खाड़ी में विकसित हुई गहरी अवपात ने गुरुवार को ओडिशा में भारी बारिश को तेज कर दिया, जिससे कई जिलों में दो घंटे में 150 mm से अधिक वर्षा हुई और जल निकासी प्रणाली पर दबाव बढ़ गया।
बढ़ते जल स्तर ने निचले इलाकों में जलभराव कर दिया, जिससे भुवनेश्वर, कटाक और तटीय जिलों में सड़कों पर पानी जमा हो गया और कई मार्ग बंद कर दिए गए।
राज्य के अधिकारी आपातकालीन टीमों को तैनात कर रहे हैं, प्रभावित लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं और बुनियादी ढांचे से मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि घरों, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कुल नुकसान अभी तय नहीं हुआ है।
विपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की है कि अवपात अभी भी बना रह सकता है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा न करने और पुलिस व आपदा प्रबंधन इकाइयों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह प्रणाली सप्ताहांत तक धीरे‑धीरे कमजोर होगी, परन्तु कुछ क्षेत्रों में बचे हुए बौछारों से स्थानीय स्तर पर जलभराव का जोखिम बना रह सकता है।
बढ़ते जल स्तर ने निचले इलाकों में जलभराव कर दिया, जिससे भुवनेश्वर, कटाक और तटीय जिलों में सड़कों पर पानी जमा हो गया और कई मार्ग बंद कर दिए गए।
राज्य के अधिकारी आपातकालीन टीमों को तैनात कर रहे हैं, प्रभावित लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं और बुनियादी ढांचे से मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि घरों, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कुल नुकसान अभी तय नहीं हुआ है।
विपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की है कि अवपात अभी भी बना रह सकता है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा न करने और पुलिस व आपदा प्रबंधन इकाइयों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह प्रणाली सप्ताहांत तक धीरे‑धीरे कमजोर होगी, परन्तु कुछ क्षेत्रों में बचे हुए बौछारों से स्थानीय स्तर पर जलभराव का जोखिम बना रह सकता है।