📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashma Silwal
अपराध
बकरी के विवाद में मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र में ठेकेदार संतोष कुमार साह की हत्या
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 21 सित. 2026, 08:01 AM
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मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र के छपरा धर्मपुर में बकरी के विवाद के दौरान 40 वर्षीय ठेकेदार संतोष कुमार साह की चाकू से हत्या हुई।
मुजफ्फरपुर, बिहार – कांटी थाने ने एक हत्या मामला दर्ज किया है, जिसमें 40 वर्षीय ठेकेदार संतोष कुमार साह को छपरा धर्मपुर गाँव में बकरी के विवाद के दौरान चाकू से मार दिया गया। पड़ोसी पक्ष के दो भाइयों ने बकरी को धान के खेत में घुसने को लेकर हुई झड़प में चाकू से हमला किया, जिससे पीड़ित के सीने के पास चार इंच का गहरा घाव लगा और वह मौके पर ही मृत्यु हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बकरी अपने मालिक के बिना ही खेत में प्रवेश कर गई, जिससे दोनों पक्षों के बीच तर्क‑विवाद शुरू हुआ। झड़प तेज़ होते ही दो भाई, जिन्हें अभी तक नाम नहीं बताया गया, ने चाकू निकालकर संतोष साह को कई बार मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
कांटी थाने के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और घटनास्थल की तस्वीरें एकत्र की जा रही हैं, ताकि हत्या के कारण और सटीक क्रम को स्पष्ट किया जा सके।
पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु‑संबंधी विवादों के कारण हिंसा को रोकने के लिए लोगों से अपील की है, और कहा है कि ऐसे मामलों में मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए, न कि हथियारों का प्रयोग।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बकरी अपने मालिक के बिना ही खेत में प्रवेश कर गई, जिससे दोनों पक्षों के बीच तर्क‑विवाद शुरू हुआ। झड़प तेज़ होते ही दो भाई, जिन्हें अभी तक नाम नहीं बताया गया, ने चाकू निकालकर संतोष साह को कई बार मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
कांटी थाने के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और घटनास्थल की तस्वीरें एकत्र की जा रही हैं, ताकि हत्या के कारण और सटीक क्रम को स्पष्ट किया जा सके।
पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु‑संबंधी विवादों के कारण हिंसा को रोकने के लिए लोगों से अपील की है, और कहा है कि ऐसे मामलों में मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए, न कि हथियारों का प्रयोग।