📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Arya Khowal
राजनीति
इंदौर में राहुल गांधी के रैली के लिए अनुमति में अड़चन, कांग्रेस को मिली नहीं मंजूरी
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 08 सित. 2026, 12:32 PM
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इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित होने वाली राहुल गांधी की रैली के लिए अनुमति अभी तक नहीं मिली है, जबकि कांग्रेस ने तैयारियों को तेज कर दिया है।
इंदौर, मध्य प्रदेश – राहुल गांधी के लिए 19 सितंबर को निर्धारित कांग्रेस का सार्वजनिक सभा अभी तक स्थानीय अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने के कारण अटकी हुई है। यह कार्यक्रम कई हज़ार लोगों को आकर्षित करने के इरादे से घोषित किया गया था और पार्टी के राज्य स्तर के कार्यक्रम कैलेंडर में प्रमुख स्थान रखता है।
पार्टी के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने जिला प्रशासन से मौखिक आश्वासन प्राप्त किया था कि रैली को मंजूरी मिल जाएगी, परन्तु आधिकारिक दस्तावेज़ अभी तक जारी नहीं हुआ है। कांग्रेस कार्यालय के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कई बार फोन और लिखित अनुरोधों के बावजूद अनुमति नहीं मिली है।
इन बाधाओं के बावजूद इंदौर की कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है, मंच, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पहले से ही कर रही है। अनुमति में देरी के कारण रैली के स्थगित होने की संभावना बनी हुई है, पर पार्टी ने कहा है कि यदि समय पर अनुमति मिल गई तो कार्यक्रम को निर्धारित तिथि पर ही आयोजित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अनुमति न मिलने की स्थिति राज्य चुनावों से पहले क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शा सकती है, जहाँ कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस रैली का परिणाम पार्टी की व्यापक चुनावी रणनीति के लिए प्रतीकात्मक महत्व रख सकता है।
पार्टी के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने जिला प्रशासन से मौखिक आश्वासन प्राप्त किया था कि रैली को मंजूरी मिल जाएगी, परन्तु आधिकारिक दस्तावेज़ अभी तक जारी नहीं हुआ है। कांग्रेस कार्यालय के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कई बार फोन और लिखित अनुरोधों के बावजूद अनुमति नहीं मिली है।
इन बाधाओं के बावजूद इंदौर की कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है, मंच, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पहले से ही कर रही है। अनुमति में देरी के कारण रैली के स्थगित होने की संभावना बनी हुई है, पर पार्टी ने कहा है कि यदि समय पर अनुमति मिल गई तो कार्यक्रम को निर्धारित तिथि पर ही आयोजित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अनुमति न मिलने की स्थिति राज्य चुनावों से पहले क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शा सकती है, जहाँ कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस रैली का परिणाम पार्टी की व्यापक चुनावी रणनीति के लिए प्रतीकात्मक महत्व रख सकता है।