Crime
छत्तीसगढ़ के मुंगेली से गिरफ्तार हुआ 21 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी का प्रमुख आरोपी
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राज्य साइबर पुलिस ने मुंगेली के व्यापारी मिथिलेश जायसवाल को 21 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी के मामले में गिरफ्तार किया, जबकि उसके बड़े भाई गिरिजेश पुलिस की दबिश से पहले ही फरार हो गया।
राज्य साइबर पुलिस ने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के व्यापारी मिथिलेश जायसवाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया, जो ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी के हाईप्रोफाइल मामले में आठवें आरोपी के रूप में नामित हैं। इस दौरान उसके बड़े भाई गिरिजेश पुलिस की दबिश से पहले ही फरार हो गया।
पकड़े गए आरोपी का कंबोडिया से गहरा संबंध पाया गया; मोबाइल में कंबोडिया के साइबर ठग गैंग से व्हाट्सएप चैट और संदिग्ध आईपी एड्रेस मिले, जिससे राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर पहुंच गई।
मिथिलेश का ट्रैक्टर ट्रॉली बनाने की फैक्ट्री के आड़ में कंबोडिया के ठगों के नेटवर्क से जुड़ाव था। पहले वह चेन्नई पुलिस द्वारा पकड़ा गया था और दिसंबर 2025 में जेल से रिहा हुआ। रिहाई के बाद उसने कंबोडिया की दिव्या सिंह के नाम से ग्वालियर के सीनियर चार्टर्ड एकाउंटेंट को टारगेट कर 21.05 लाख रुपये की ठगी की, जबकि उसके खाते में 25 लाख रुपये के अतिरिक्त 65 लाख रुपये और पहले जनवरी के बाद 1 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन भी दिखे।
जांच में पता चला कि वह ऑटो-फॉरवर्ड ऐप के ज़रिए मोबाइल पर आने वाले एसएमएस और ओटीपी को रूट करता था, जिससे उसके और उसके भाई के बैंक खातों से लगभग 25 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला।
पकड़े गए आरोपी का कंबोडिया से गहरा संबंध पाया गया; मोबाइल में कंबोडिया के साइबर ठग गैंग से व्हाट्सएप चैट और संदिग्ध आईपी एड्रेस मिले, जिससे राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर पहुंच गई।
मिथिलेश का ट्रैक्टर ट्रॉली बनाने की फैक्ट्री के आड़ में कंबोडिया के ठगों के नेटवर्क से जुड़ाव था। पहले वह चेन्नई पुलिस द्वारा पकड़ा गया था और दिसंबर 2025 में जेल से रिहा हुआ। रिहाई के बाद उसने कंबोडिया की दिव्या सिंह के नाम से ग्वालियर के सीनियर चार्टर्ड एकाउंटेंट को टारगेट कर 21.05 लाख रुपये की ठगी की, जबकि उसके खाते में 25 लाख रुपये के अतिरिक्त 65 लाख रुपये और पहले जनवरी के बाद 1 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन भी दिखे।
जांच में पता चला कि वह ऑटो-फॉरवर्ड ऐप के ज़रिए मोबाइल पर आने वाले एसएमएस और ओटीपी को रूट करता था, जिससे उसके और उसके भाई के बैंक खातों से लगभग 25 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला।