छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, छात्र नेता पर ब्लैकमेलिंग का आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग
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अंबिकापुर में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (PG College) की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा शाह का शव घर में फांसी के फंदे पर मिला। परिजनों ने कॉलेज के छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित रूप से ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। Reported by: Citizen Reporter | Need24 News अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़
अंबिकापुर के राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (PG College) की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा शाह की मौत के मामले में गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्रा का शव उसके घर में फांसी के फंदे पर मिला, जिसके बाद परिवार में शोक का माहौल है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्रा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। छात्रा के जीजा नीलेश गुप्ता के अनुसार, अंतरा की सहेलियों ने कॉलेज के छात्र नेता ज्ञान तिवारी का नाम बताया है।
परिजनों का दावा है कि मोबाइल में मौजूद कथित चैट या वीडियो को परिवार के सामने दिखाने की धमकी देकर छात्रा पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि अंतरा घटना से पहले सामान्य दिखाई दे रही थी और हंसकर बातचीत भी कर रही थी।
इसी बीच परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठाया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। केवल आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस/जांच एजेंसी की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
Need24 News | Ambikapur | Surguja | Chhattisgarh
परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्रा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। छात्रा के जीजा नीलेश गुप्ता के अनुसार, अंतरा की सहेलियों ने कॉलेज के छात्र नेता ज्ञान तिवारी का नाम बताया है।
परिजनों का दावा है कि मोबाइल में मौजूद कथित चैट या वीडियो को परिवार के सामने दिखाने की धमकी देकर छात्रा पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि अंतरा घटना से पहले सामान्य दिखाई दे रही थी और हंसकर बातचीत भी कर रही थी।
इसी बीच परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठाया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। केवल आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस/जांच एजेंसी की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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