📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / পৰশমণি বড়া
विज्ञान
कैमरा ट्रैप ने असम के धिंग पटकाई नेशनल पार्क में बाघ की मौजूदगी पुष्टि की
✍️ India Today NE
🗓 20 अग. 2026, 02:40 AM
👁 5
असम के धिंग पटकाई नेशनल पार्क में स्थापित कैमरा ट्रैप ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि करने वाली तस्वीरें दर्ज की हैं।
असम के धिंग पटकाई नेशनल पार्क में स्थापित मोशन‑सेंसिटिव कैमरा ट्रैप ने बाघ की स्पष्ट तस्वीरें दर्ज की हैं, जिससे इस अभयारण्य में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह तस्वीरें पार्क में बाघ के पहले फोटोग्राफिक प्रमाण हैं। यह प्रमाण धिंग पटकाई की पारिस्थितिक महत्ता को रेखांकित करता है, क्योंकि यह इंडो‑म्यांमार जैव विविधता गलियारे का हिस्सा है। विभाग भविष्य में बाघ की गतिशीलता को समझने और संरक्षण उपायों को सुदृढ़ करने के लिए कैमरा‑ट्रैप निगरानी को विस्तारित करने की योजना बना रहा है। इस खोज को राज्य की बाघ निगरानी रिपोर्टों में शामिल किया जाएगा और आवास प्रबंधन रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
यह अभयारण्य असम के पूर्वी भाग में स्थित है और घने उष्णकटिबंधीय वन तथा विविध जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों द्वारा बाघ के देखे जाने की कहानियां सुनाई जाती रही थीं, पर अब कैमरा‑ट्रैप की तस्वीरों ने वैज्ञानिक रूप से इस तथ्य की पुष्टि की है। अधिकारियों ने कहा कि बाघ को शिकार और आवास हानि से बचाने के लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है।
यह खबर इंडिया टुडे एनई ने प्रकाशित की है, जो भारत में आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण की भूमिका को उजागर करती है।
यह अभयारण्य असम के पूर्वी भाग में स्थित है और घने उष्णकटिबंधीय वन तथा विविध जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों द्वारा बाघ के देखे जाने की कहानियां सुनाई जाती रही थीं, पर अब कैमरा‑ट्रैप की तस्वीरों ने वैज्ञानिक रूप से इस तथ्य की पुष्टि की है। अधिकारियों ने कहा कि बाघ को शिकार और आवास हानि से बचाने के लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है।
यह खबर इंडिया टुडे एनई ने प्रकाशित की है, जो भारत में आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण की भूमिका को उजागर करती है।