🔥 TRENDING दीपावली से पहले वृद्धाश्रम में सजा दीप... 306 Newly appointed medical officer s... રાજ્યમંત્રી કૌશિકભાઈ વેકરીયાએ અમરેલીમા... मेराल में डीटीओ गोपी उरांव और थाने प्र... BJP MP: 20-25 shops likely damaged in... New Zealand Names Henry Over Conway Ah...
06 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बाढ़ राहत में भेदभाव का आरोप, अरवल विकास मंच ने निकाला आक्रोश मार्च

बाढ़ राहत में भेदभाव का आरोप, अरवल विकास मंच ने निकाला आक्रोश मार्च

✍️ Reporter: Satveer Singh 🗓 16 Sep 2026, 07:24 PM 👁 77
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post
अरवल। बाढ़ राहत एवं मुआवजा वितरण में कथित भेदभाव के खिलाफ अरवल विकास मंच की ओर से बुधवार, 16 सितंबर को शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। मंच के अध्यक्ष एवं रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “बाढ़ राहत में जात-पात करना बंद करो, जिला प्रशासन होश में आओ” और “प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश होश में आओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बाढ़ में मृत सभी लोगों के परिजनों को समान रूप से आपदा राहत की सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। मनोज सिंह यादव ने आरोप लगाया कि बाढ़ में मौत के बाद शिवम कुमार के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई, जबकि अन्य मृतकों के परिजनों को अब तक सहायता नहीं मिली है। उन्होंने इस मामले में जातीय भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और सभी पात्र परिवारों को समान राहत देने की मांग की। गौरतलब है कि पूर्व में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश ने छतोई गांव पहुंचकर मृतक शिवम कुमार के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से चार लाख रुपये का चेक सौंपा था। प्रदर्शनकारियों ने जिला पदाधिकारी से बाढ़ में मृत सभी लोगों के परिजनों को नियमानुसार चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने, बाढ़ से बर्बाद फसलों का आकलन कर किसानों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने तथा जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उनका सर्वे कराकर पुनर्वास एवं आवश्यक सहायता देने की मांग की। मंच की ओर से कहा गया कि राहत वितरण में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और सभी पात्र प्रभावित परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचनी चाहिए। प्रशासन या प्रभारी मंत्री की ओर से लगाए गए जातीय भेदभाव के आरोपों पर कोई अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं होने पर उनका पक्ष इस खबर में शामिल नहीं किया जा सका है।
📲Get App