बालोद में माताओं ने श्रद्धा से मनाया हलषष्ठी पर्व, बच्चों की दीर्घायु और खुशहाली की कामना
बालोद जिले में माताओं ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर हलषष्ठी, हरछठ और कमरछठ का पर्व श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया। महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की।
बालोद। जिले में बुधवार, 2 सितंबर को हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। संतान की दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं ने व्रत रखा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हलषष्ठी मैय्या की पूजा-अर्चना की।
बालोद पुलिस कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने पूजा स्थल पर सगरी कुंड का निर्माण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश तथा भगवान बलराम (हलधर/बलभद्र) की पूजा की गई।
पूजा के दौरान माताओं ने अपने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना की। पारंपरिक मान्यता के अनुसार महिलाओं ने सगरी के जल से जुड़े अनुष्ठान भी किए और बच्चों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।
इस अवसर पर क्षेत्र में महिलाओं की धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति का सुंदर दृश्य देखने को मिला। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह रहा।
Need24 News
Chhattisgarh State Coverage
बालोद पुलिस कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने पूजा स्थल पर सगरी कुंड का निर्माण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश तथा भगवान बलराम (हलधर/बलभद्र) की पूजा की गई।
पूजा के दौरान माताओं ने अपने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना की। पारंपरिक मान्यता के अनुसार महिलाओं ने सगरी के जल से जुड़े अनुष्ठान भी किए और बच्चों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।
इस अवसर पर क्षेत्र में महिलाओं की धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति का सुंदर दृश्य देखने को मिला। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह रहा।
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