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26 अग. 2026
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अमेरिका में रहने वाले बिहार के एनआरआई ने कहा, 20 और 40 के दशक में भारत वापसी अलग है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
जीवनशैली

अमेरिका में रहने वाले बिहार के एनआरआई ने कहा, 20 और 40 के दशक में भारत वापसी अलग है

✍️ Hindustan Times 🗓 26 अग. 2026, 01:22 PM 👁 3
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अमेरिका में बसे बिहार के एक पेशेवर ने बताया कि भारत वापसी के अनुभव 20 और 40 के दशक में काफी अलग होते हैं, और उन्होंने दो प्रकार के एनआरआई की बात की।

बिहार से उत्पन्न एक व्यक्ति, जो कई वर्षों से संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहा है, ने भारत लौटने के विभिन्न आयु वर्गों के अनुभवों में अंतर पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीस के दशक में लौटने वाले और चालीस के दशक में लौटने वाले दोनों की प्रेरणाएँ, करियर की अपेक्षाएँ और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ काफी अलग होती हैं।

उनके अनुसार, युवा लौटने वाले अक्सर नई कौशल और उद्यमी ऊर्जा का लाभ उठाना चाहते हैं, जबकि बड़े आयु वर्ग के प्रवासी अपने परिवार की स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं और पुनःस्थापना में अधिक जटिल चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। यह अंतर नौकरी के अवसरों से लेकर सामाजिक समायोजन तक हर पहलू को प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा, "दो प्रकार के एनआरआई होते हैं," जिसका अर्थ है कि कुछ लोग वापसी को करियर रणनीति के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत या पारिवारिक आवश्यकता मानते हैं। यह दृष्टिकोण भारतीय प्रवासी समुदाय में उम्र और जीवन चरण के महत्व को उजागर करता है।

इन विचारों से मस्तिष्क-उत्सर्जन और उल्टी प्रवास पर चल रही बहस में नई परत जुड़ती है, यह संकेत देते हुए कि कब और क्यों लौटना तय करता है कि परिणाम कैसे होंगे।
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