📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / News of india
धर्म
बाड़मेर की रुचिका ने CA का सपना छोड़ कर दीक्षा ली
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 20 सित. 2026, 11:15 AM
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बाड़मेर, राजस्थान की रुचिका ने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के सपने को त्याग कर आध्यात्मिक दीक्षा ली, जिससे वह संयमित जीवन की ओर बढ़ रही है।
बाड़मेर, राजस्थान की निवासी रुचिका ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की तैयारी को छोड़ने का फैसला किया, जो कई लोगों के लिए प्रतिष्ठित और आर्थिक रूप से सुरक्षित करियर माना जाता है। महीनों की कड़ी पढ़ाई के बाद उसने आध्यात्मिक संयम की राह चुनने की घोषणा की।
यह निर्णय स्थानीय आध्यात्मिक गुरु द्वारा आयोजित दीक्षा समारोह में साकार हुआ, जहाँ उसने आत्म-अनुशासन और आंतरिक विकास के संकल्प को औपचारिक रूप से लिया। परिवार और समुदाय के बुजुर्गों ने इस छोटे से समारोह में भाग लेकर उसके चयन को समर्थन दिया, भले ही यह परिवर्तन असामान्य हो।
शिक्षकों और करियर काउंसलरों ने कहा कि ऐसा परिवर्तन दुर्लभ है, पर यह भारत में करियर निर्णयों की व्यक्तिगत प्रकृति को उजागर करता है, जहाँ सामाजिक अपेक्षाएँ अक्सर व्यक्तिगत आकांक्षाओं से टकराती हैं। रुचिका का कदम यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत संतुष्टि कभी‑कभी पारंपरिक पेशेवर मार्गों से परे मिलती है।
समारोह के अंत में पारम्परिक मंत्र और प्रतीकात्मक अर्पण किया गया, जिससे उसकी नई यात्रा की शुरुआत का संकेत मिला। रुचिका ने बताया कि वह आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन जारी रखेगी और अपने संकल्प के हिस्से के रूप में सामुदायिक सेवा में भाग लेगी।
यह निर्णय स्थानीय आध्यात्मिक गुरु द्वारा आयोजित दीक्षा समारोह में साकार हुआ, जहाँ उसने आत्म-अनुशासन और आंतरिक विकास के संकल्प को औपचारिक रूप से लिया। परिवार और समुदाय के बुजुर्गों ने इस छोटे से समारोह में भाग लेकर उसके चयन को समर्थन दिया, भले ही यह परिवर्तन असामान्य हो।
शिक्षकों और करियर काउंसलरों ने कहा कि ऐसा परिवर्तन दुर्लभ है, पर यह भारत में करियर निर्णयों की व्यक्तिगत प्रकृति को उजागर करता है, जहाँ सामाजिक अपेक्षाएँ अक्सर व्यक्तिगत आकांक्षाओं से टकराती हैं। रुचिका का कदम यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत संतुष्टि कभी‑कभी पारंपरिक पेशेवर मार्गों से परे मिलती है।
समारोह के अंत में पारम्परिक मंत्र और प्रतीकात्मक अर्पण किया गया, जिससे उसकी नई यात्रा की शुरुआत का संकेत मिला। रुचिका ने बताया कि वह आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन जारी रखेगी और अपने संकल्प के हिस्से के रूप में सामुदायिक सेवा में भाग लेगी।