📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / JASDF
राजनीति
राजस्थान में 16 सामाजिक संगठनों ने बनायीं 'राष्ट्रीय आमजन मोर्चा'
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 26 अग. 2026, 10:17 PM
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राजस्थान के 16‑17 सामाजिक संगठनों ने नगर निकाय व पंचायती राज चुनावों से पहले राष्ट्रीय आमजन मोर्चा का गठन किया, जिसमें समर्थन न मिलने वाले दलों के खिलाफ NOTA अभियान चलाया जाएगा।
राजस्थान में कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर राष्ट्रीय आमजन मोर्चा (RAM) नामक नया मंच स्थापित करने की घोषणा की है, जो राज्य के नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों से पहले किया गया कदम है। लगभग 16‑17 संगठनों के इस गठबंधन का उद्देश्य चुनावी माहौल में बदलाव लाना है।
इस मंच ने मतदाताओं को NOTA (None of the Above) विकल्प का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का इरादा जताया है, ताकि उन पार्टियों के खिलाफ आवाज़ उठाई जा सके जिनके उम्मीदवारों को वे भरोसेमंद नहीं मानते। सामूहिक NOTA अभियान के माध्यम से संगठनों का लक्ष्य राजनीतिक दलों को स्थानीय मुद्दों पर अधिक ध्यान देने और बेहतर उम्मीदवार प्रस्तुत करने के लिए मजबूर करना है।
हालांकि इस गठबंधन ने विशेष रूप से किन पार्टियों को लक्षित किया है, यह स्पष्ट नहीं किया, परन्तु यह कदम उन मतदाताओं की असंतुष्टि को दर्शाता है जो मौजूदा राजनीतिक विकल्पों को पर्याप्त नहीं मानते। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल विशेषकर जयपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में मतों के वितरण को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्रीय आमजन मोर्चा आगामी हफ्तों में जागरूकता कार्यक्रम और सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि मतदाताओं को NOTA के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा सके और जवाबदेह शासन के अपने व्यापक एजेंडे को समर्थन मिल सके।
इस मंच ने मतदाताओं को NOTA (None of the Above) विकल्प का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का इरादा जताया है, ताकि उन पार्टियों के खिलाफ आवाज़ उठाई जा सके जिनके उम्मीदवारों को वे भरोसेमंद नहीं मानते। सामूहिक NOTA अभियान के माध्यम से संगठनों का लक्ष्य राजनीतिक दलों को स्थानीय मुद्दों पर अधिक ध्यान देने और बेहतर उम्मीदवार प्रस्तुत करने के लिए मजबूर करना है।
हालांकि इस गठबंधन ने विशेष रूप से किन पार्टियों को लक्षित किया है, यह स्पष्ट नहीं किया, परन्तु यह कदम उन मतदाताओं की असंतुष्टि को दर्शाता है जो मौजूदा राजनीतिक विकल्पों को पर्याप्त नहीं मानते। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल विशेषकर जयपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में मतों के वितरण को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्रीय आमजन मोर्चा आगामी हफ्तों में जागरूकता कार्यक्रम और सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि मतदाताओं को NOTA के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा सके और जवाबदेह शासन के अपने व्यापक एजेंडे को समर्थन मिल सके।