स्थानीय
अरिया में अंतिम संस्कार के दौरान संपत्ति विवाद से परिजनों में मारपीट, पुलिस ने शांत किया
यहाँ देखें:
▶️ YouTube
दिबियापुर, औरैया में 66 वर्षीय बेबी पाठक के अंतिम संस्कार के दौरान संपत्ति विवाद से परिजनों में मारपीट हुई, पुलिस ने हस्तक्षेप कर शांति स्थापित की।
दिबियापुर, औरैया में 66 वर्षीय बेबी पाठक, जो सड़क हादसे में घायल होकर कानपुर में उपचार के दौरान निधन हो गई, का शव स्टेशन रोड स्थित घर पर पहुँचने पर अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच परिजनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया।
बेबी पाठक का 1984 में कानपुर देहात के झींझक क्षेत्र के जुरिया गांव निवासी अनिल पांडेय से विवाह हुआ था। वह अपने पति की इकलौती संतान थीं। परिजनों के अनुसार, विवाह के दूसरे दिन ही बेबी मायके लौट आई थीं और बाद में पुरुषों की वेशभूषा में रहने लगी थीं। उन्होंने अपने पति अनिल पांडेय का दूसरी जगह विवाह भी कराया था।
अंतिम संस्कार के दौरान, पति अनिल पांडेय ने बेबी पाठक की मांग में सिंदूर भरकर अंतिम विदाई देने की पहल की, जिस पर परिजनों ने विरोध किया। विवाद बढ़ते ही दोनों पक्षों में मारपीट हो गई और अनिल पांडेय को अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देने की अनुमति भी नहीं दी गई।
हंगामे की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति शांत कराई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को मुक्तिधाम ले जाया गया और देर रात बेबी पाठक के भतीजे गौरव पाठक ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
बेबी पाठक का 1984 में कानपुर देहात के झींझक क्षेत्र के जुरिया गांव निवासी अनिल पांडेय से विवाह हुआ था। वह अपने पति की इकलौती संतान थीं। परिजनों के अनुसार, विवाह के दूसरे दिन ही बेबी मायके लौट आई थीं और बाद में पुरुषों की वेशभूषा में रहने लगी थीं। उन्होंने अपने पति अनिल पांडेय का दूसरी जगह विवाह भी कराया था।
अंतिम संस्कार के दौरान, पति अनिल पांडेय ने बेबी पाठक की मांग में सिंदूर भरकर अंतिम विदाई देने की पहल की, जिस पर परिजनों ने विरोध किया। विवाद बढ़ते ही दोनों पक्षों में मारपीट हो गई और अनिल पांडेय को अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देने की अनुमति भी नहीं दी गई।
हंगामे की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति शांत कराई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को मुक्तिधाम ले जाया गया और देर रात बेबी पाठक के भतीजे गौरव पाठक ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।