📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aman Bisen
विदेश
अडानी के झारखंड पावर प्लांट के ट्रिप से बांग्लादेश की ऊर्जा संकट में बढ़ोतरी
✍️ jharkhandstatenews.com
🗓 15 सित. 2026, 04:02 AM
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झारखंड में अडानी समूह के पावर प्लांट के अचानक बंद होने से बांग्लादेश के चल रहे बिजली संकट में और बढ़ोतरी हुई, जिससे आपातकालीन आयात और ग्रिड समायोजन की आवश्यकता पड़ी।
अडानी समूह के झारखंड स्थित कोयला‑आधारित पावर प्लांट में इस सप्ताह की शुरुआत में अचानक ट्रिप हुआ, जिससे यूनिट कई घंटों के लिए बंद हो गया। यह आउटेज बांग्लादेश में बढ़ते बिजली मांग के साथ हुआ, जहाँ राष्ट्रीय ग्रिड पहले से ही गंभीर तनाव में है।
बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) के अधिकारियों ने बताया कि भारत से आयातित बिजली, जो आमतौर पर इस प्लांट की ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से आती है, के नुकसान से देश के आपूर्ति भंडार पर दबाव बढ़ गया है। बोर्ड ने आपातकालीन उपाय अपनाए हैं, जिसमें डीजल जनरेटरों पर निर्भरता बढ़ाना और अन्य पड़ोसी देशों से अतिरिक्त बिजली आयात के लिए वार्ता तेज करना शामिल है।
ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि जबकि झारखंड प्लांट बांग्लादेश की आयातित बिजली में छोटी हिस्सेदारी रखता है, उसकी अचानक अनुपलब्धता क्षेत्रीय ऊर्जा लिंक की अस्थिरता को उजागर करती है। यह घटना निजी क्षेत्र की संपत्तियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है, जो अंतर‑देशीय बिजली व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अडानी एनर्जी ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि तकनीकी टीमें पूरी क्षमता बहाल करने पर कार्यरत हैं और प्लांट अगले 24‑48 घंटों में सामान्य संचालन में लौटने की उम्मीद है। कोई सुरक्षा संबंधी घटना रिपोर्ट नहीं की गई।
यह घटना दक्षिण एशियाई बिजली बाजारों की पारस्परिक निर्भरता और अप्रत्याशित प्लांट आउटेज के प्रभाव को कम करने के लिए मजबूत बैकअप तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) के अधिकारियों ने बताया कि भारत से आयातित बिजली, जो आमतौर पर इस प्लांट की ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से आती है, के नुकसान से देश के आपूर्ति भंडार पर दबाव बढ़ गया है। बोर्ड ने आपातकालीन उपाय अपनाए हैं, जिसमें डीजल जनरेटरों पर निर्भरता बढ़ाना और अन्य पड़ोसी देशों से अतिरिक्त बिजली आयात के लिए वार्ता तेज करना शामिल है।
ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि जबकि झारखंड प्लांट बांग्लादेश की आयातित बिजली में छोटी हिस्सेदारी रखता है, उसकी अचानक अनुपलब्धता क्षेत्रीय ऊर्जा लिंक की अस्थिरता को उजागर करती है। यह घटना निजी क्षेत्र की संपत्तियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है, जो अंतर‑देशीय बिजली व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अडानी एनर्जी ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि तकनीकी टीमें पूरी क्षमता बहाल करने पर कार्यरत हैं और प्लांट अगले 24‑48 घंटों में सामान्य संचालन में लौटने की उम्मीद है। कोई सुरक्षा संबंधी घटना रिपोर्ट नहीं की गई।
यह घटना दक्षिण एशियाई बिजली बाजारों की पारस्परिक निर्भरता और अप्रत्याशित प्लांट आउटेज के प्रभाव को कम करने के लिए मजबूत बैकअप तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करती है।