आज गांधीनगर में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष को समर्पित भव्य समागम में सहभागिता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज गांधीनगर में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष को समर्पित भव्य समागम में सहभागिता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
"ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसें, रविदास रहे प्रसन्न॥"
गुरु रविदास जी का यह समरसता और अंत्योदय का विचार हमारी सरकार के लोक-कल्याणकारी संकल्पों का मूल आधार है।
उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में समानता, सामाजिक समरसता और एकता को सुदृढ़ करने के लिए हम निरंतर कटिबद्ध हैं।
समागम के सफल आयोजन के लिए 'संगत उद्घोष' और सभी सहयोगियों का हार्दिक आभार।
"ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसें, रविदास रहे प्रसन्न॥"
गुरु रविदास जी का यह समरसता और अंत्योदय का विचार हमारी सरकार के लोक-कल्याणकारी संकल्पों का मूल आधार है।
उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में समानता, सामाजिक समरसता और एकता को सुदृढ़ करने के लिए हम निरंतर कटिबद्ध हैं।
समागम के सफल आयोजन के लिए 'संगत उद्घोष' और सभी सहयोगियों का हार्दिक आभार।