📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
स्वास्थ्य
इंदौर के हर्ष क्लिनिक में 10 साल की बच्ची की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 31 अग. 2026, 08:47 AM
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इंदौर के हर्ष क्लिनिक में पेट दर्द के इलाज के दौरान 10 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर श्री चंद मांगेचा पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लिनिक के बाहर हंगामा किया।
इंदौर, मध्य प्रदेश – हाल ही में रात के समय, 10 साल की दिव्यांशी सोलंकी को पेट दर्द के इलाज के लिए खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक लाया गया। उपचार के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ती गई और उसे क्लिनिक में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मृत घोषित किया गया।
परिजनों ने क्लिनिक के डॉक्टर, श्री चंद मांगेचा पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि चिकित्सा प्रक्रिया में चूक ही मृत्यु का कारण बनी। परिवार का कहना है कि डॉक्टर द्वारा उचित जांच और उपचार नहीं किया गया, जिससे बच्ची की शीघ्र मृत्यु हुई।
परिवार ने देर रात क्लिनिक के बाहर हंगामा किया, जवाबदेही और विस्तृत जांच की मांग की। स्थानीय पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने और क्लिनिक के कर्मचारियों व प्रदर्शनकारियों के बयानों को दर्ज करने के लिए बुलाया गया।
अब तक पुलिस या स्वास्थ्य विभाग ने मृत्यु के कारण या डॉक्टर के खिलाफ कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह घटना इंदौर के निजी क्लिनिकों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों में चिंता उत्पन्न कर रही है।
परिवार फोरेंसिक पोस्ट‑मार्टेम रिपोर्ट और डॉक्टर एवं क्लिनिक के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।
परिजनों ने क्लिनिक के डॉक्टर, श्री चंद मांगेचा पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि चिकित्सा प्रक्रिया में चूक ही मृत्यु का कारण बनी। परिवार का कहना है कि डॉक्टर द्वारा उचित जांच और उपचार नहीं किया गया, जिससे बच्ची की शीघ्र मृत्यु हुई।
परिवार ने देर रात क्लिनिक के बाहर हंगामा किया, जवाबदेही और विस्तृत जांच की मांग की। स्थानीय पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने और क्लिनिक के कर्मचारियों व प्रदर्शनकारियों के बयानों को दर्ज करने के लिए बुलाया गया।
अब तक पुलिस या स्वास्थ्य विभाग ने मृत्यु के कारण या डॉक्टर के खिलाफ कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह घटना इंदौर के निजी क्लिनिकों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों में चिंता उत्पन्न कर रही है।
परिवार फोरेंसिक पोस्ट‑मार्टेम रिपोर्ट और डॉक्टर एवं क्लिनिक के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।