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10 अग. 2026
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ज़ीपीएम ने फिस्कल कॉन्ट्रिब्यूशन एक्ट संशोधन बिल का विरोध तब तक किया जब तक मिज़ोरम की चिंताओं का समाधान न हो
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
राजनीति

ज़ीपीएम ने फिस्कल कॉन्ट्रिब्यूशन एक्ट संशोधन बिल का विरोध तब तक किया जब तक मिज़ोरम की चिंताओं का समाधान न हो

✍️ indiatodayne.in 🗓 10 अग. 2026, 04:36 PM 👁 6
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ज़ीपीएम ने चेतावनी दी है कि मिज़ोरम के गैर‑लाभकारी संगठनों पर इस संशोधन के प्रभाव के बारे में अपनी चिंताओं का समाधान न होने पर वह इस बिल का विरोध करेगा।

ज़ीपीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि मिज़ोरम के गैर‑सरकारी संगठनों पर इस संशोधन के प्रभाव के बारे में उसकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो वह विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम (FCRA) के प्रस्तावित संशोधन का विरोध करेगा।

ज़ीपीएम के प्रवक्ता ने बताया कि प्रस्तावित बदलाव विदेशी फंडिंग पर प्रतिबंधों को कड़ा कर सकते हैं, जिससे स्थानीय एनजीओ के कार्यों पर असर पड़ सकता है जो अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर निर्भर हैं।

यह रुख अगले महीने होने वाले संसद बहस से पहले आया है, जब सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए FCRA के दायरे को विस्तृत करना चाह रही है।

ज़ीपीएम के नेताओं ने गृह मंत्रालय के साथ संवाद की मांग की है ताकि बिल के प्रावधानों को स्पष्ट किया जा सके और मिज़ोरम के विशिष्ट सामाजिक‑आर्थिक संदर्भ को ध्यान में रखा जा सके।

यदि इन चिंताओं को शामिल नहीं किया गया तो ज़ीपीएम एक विरोधी मत देने का वादा करता है, जिससे राज्य की प्रमुख राजनीतिक शक्ति से महत्वपूर्ण विरोध संकेतित होता है।
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