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19 सित. 2026
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विश्व बैंक के अध्ययन में भारत के 25 प्रमुख परिवारिक समूहों का जीडीपी में 20% हिस्सा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shiny Things
बिज़नेस

विश्व बैंक के अध्ययन में भारत के 25 प्रमुख परिवारिक समूहों का जीडीपी में 20% हिस्सा

✍️ Counterview 🗓 22 अग. 2026, 10:13 AM 👁 30
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विश्व बैंक के विश्लेषण से पता चला कि भारत के 25 बड़े पारिवारिक समूह मिलकर राष्ट्रीय जीडीपी का लगभग बीस प्रतिशत बनाते हैं।

विश्व बैंक के एक हालिया अध्ययन में बताया गया है कि भारत के 25 सबसे बड़े पारिवारिक समूह मिलकर लगभग 20% राष्ट्रीय जीडीपी का उत्पादन करते हैं। सार्वजनिक वित्तीय आँकड़ों और मैक्रो‑इकोनॉमिक मॉडलिंग पर आधारित इस शोध ने इन समूहों के संयुक्त योगदान को देश की कुल आर्थिक गतिविधि का लगभग एक‑पाँचवाँ बताया है।

परिवारिक कंपनियाँ भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही हैं, जो विनिर्माण, सेवा, बुनियादी ढांचा और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनका प्रमुख उद्योगों में प्रभुत्व अर्थव्यवस्था की समग्र वृद्धि, रोजगार और निवेश प्रवृत्तियों को सीधे प्रभावित करता है।

विश्व बैंक के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि इतनी छोटी संख्या में आर्थिक शक्ति का एकत्रीकरण अवसरों के साथ‑साथ जोखिम भी लाता है। जबकि ये समूह नवाचार और पूँजी निर्माण को तेज़ करते हैं, उनके शासन‑संरचना और उत्तराधिकार योजना को नीति निर्माताओं के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रमुख बिंदु माना गया है।
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