📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Reema Jalihal
यात्रा
जोधपुर के पुराने शहर के नीले घरों का कारण: ‘ब्लू सिटी’ की कहानी
✍️ Hindustan Times
🗓 10 अक्टू. 2026, 09:01 PM
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जोधपुर के पुराने शहर के नीले घरों की परंपरा स्थानीय रीति‑रिवाज़, जलवायु और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़ी है।
जोधपुर के पुराने शहर की संकरी गलियों में नीले रंग के विभिन्न शेड वाले घरों की कतारें एक विशेष पहचान बन गई हैं, जिससे इसे ‘ब्लू सिटी’ कहा जाता है। इतिहास में यह परंपरा ब्राह्मण परिवारों से शुरू हुई, जिन्होंने शांति दर्शाने और कीटों को दूर रखने के लिए नीला रंग इस्तेमाल किया।
समय के साथ यह प्रथा अन्य समुदायों, विशेषकर व्यापारी वर्ग में फैल गई। उन्होंने अपने घरों को नीला रंग देकर समृद्धि का प्रतीक बनाया और पड़ोसी कस्बों से अलग पहचान स्थापित की। यह रंग गर्मी के मौसम में नमी को बनाए रखने और घर के अंदर को ठंडा रखने में भी मदद करता है।
हाल के वर्षों में स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने इस नीले रंग को जारी रखने को प्रोत्साहित किया है, जिससे जोधपुर की सांस्कृतिक ब्रांडिंग मजबूत हुई है और यह देश‑विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला प्रमुख कारण बन गया है।
समय के साथ यह प्रथा अन्य समुदायों, विशेषकर व्यापारी वर्ग में फैल गई। उन्होंने अपने घरों को नीला रंग देकर समृद्धि का प्रतीक बनाया और पड़ोसी कस्बों से अलग पहचान स्थापित की। यह रंग गर्मी के मौसम में नमी को बनाए रखने और घर के अंदर को ठंडा रखने में भी मदद करता है।
हाल के वर्षों में स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने इस नीले रंग को जारी रखने को प्रोत्साहित किया है, जिससे जोधपुर की सांस्कृतिक ब्रांडिंग मजबूत हुई है और यह देश‑विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला प्रमुख कारण बन गया है।