🔥 ट्रेंडिंग बिस्वजित चटर्जी ने रेखा के चुंबन विवाद... EPIC First Semester ने नया गाना “Manas... ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਮੌਕੇ ਸ਼ਹਿ... सऊदी अरब ने मक्का समझौते के कार्यान्वय... राजस्थान की नव्या को राष्ट्रपति के एडी... दिल्ली में वीआईपी मतदाता सत्यापन पूरा,...
25 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भारत के पूर्वी तट पर चक्रवात क्यों बार-बार आते हैं? ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NOAA
मौसम

भारत के पूर्वी तट पर चक्रवात क्यों बार-बार आते हैं? ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु

✍️ Brut 🗓 25 सित. 2026, 08:38 AM 👁 13
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

एक विश्लेषण बताता है कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को बंगाल की खाड़ी से बार-बार चक्रवात क्यों झेलना पड़ता है।

पूर्वी तट पर लगातार चक्रवातों की लहर ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को बार‑बार प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियों का मिश्रण इन तूफानों के निर्माण को आसान बनाता है।
बंगाल की खाड़ी के पानी का सतह तापमान उच्च रहता है, जिससे चक्रवातों को ऊर्जा मिलती है और वे तीव्र होते हैं। यहाँ की तटीय शैल अपेक्षाकृत उथली है, जिससे समुद्र की गर्मी जल्दी वायुमंडल में पहुंचती है, जो तूफान के विकास के लिए आवश्यक है।
प्राक‑मानसून और पश्च‑मानसून के दौरान, प्रमुख हवाओं का दिशा‑निर्देशन कम दबाव वाले क्षेत्रों को समुद्र से भारतीय उपमहाद्वीप की ओर ले जाता है। मानसून ट्रफ़्ट अक्सर तट के साथ संरेखित हो जाता है, जिससे चक्रवात सीधे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की ओर बढ़ते हैं।
वैज्ञानिक यह भी संकेत देते हैं कि जलवायु परिवर्तन इन प्राकृतिक प्रक्रियाओं को तेज़ कर रहा है, जिससे समुद्र का तापमान बढ़ रहा है और वायुमंडल में नमी अधिक हो रही है, जो चक्रवातों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों को बढ़ा सकता है।
इन लगातार आने वाले खतरों को देखते हुए, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की प्रशासनिक इकाइयाँ चेतावनी प्रणाली और तटीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर रही हैं, ताकि जीवन और संपत्ति की रक्षा की जा सके।
📲Get App