📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Srijitdutta.10
स्वास्थ्य
पश्चिम बंगाल में 1.1 लाख डॉक्टरों की डिग्री की फिर से जांच
✍️ NDTV
🗓 08 नव. 2026, 01:32 PM
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फर्जी डिग्री के मामले के बाद पश्चिम बंगाल सरकार 1.1 लाख डॉक्टरों की योग्यता की फिर से जांच करेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवा में भरोसा कायम रहे।
कोलकाता, 8 नवंबर 2026 – पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में पंजीकृत लगभग 1.1 लाख डॉक्टरों की डिग्री की व्यापक पुनःजांच का आदेश दिया है। यह कदम हाल ही में उजागर हुए फर्जी डिग्री के मामले के बाद उठाया गया, जिससे रोगी सुरक्षा और पेशेवर ईमानदारी पर सवाल उठे थे।
जांच में प्रत्येक डॉक्टर की योग्यता को उनके विश्वविद्यालय, मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया और अन्य नियामक निकायों के साथ मिलान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण दोनों का उपयोग करके सटीकता और गति सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और चिकित्सा समुदाय में भरोसा पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक है। विभाग ने इस प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है और झूठी डिग्री वाले किसी भी चिकित्सक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल भारत में चिकित्सा योग्यता की निगरानी को कड़ा करने और कुप्रथाओं को रोकने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, और स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जांच में प्रत्येक डॉक्टर की योग्यता को उनके विश्वविद्यालय, मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया और अन्य नियामक निकायों के साथ मिलान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण दोनों का उपयोग करके सटीकता और गति सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और चिकित्सा समुदाय में भरोसा पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक है। विभाग ने इस प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है और झूठी डिग्री वाले किसी भी चिकित्सक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल भारत में चिकित्सा योग्यता की निगरानी को कड़ा करने और कुप्रथाओं को रोकने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, और स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।