📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
सरकारी योजना
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेन्दु अधिकारी आज आयुष्मान भारत पीएम‑जेएवाई लॉन्च करेंगे
✍️ News On AIR
🗓 19 अग. 2026, 01:36 AM
👁 5
मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत पीएम‑जेएवाई योजना का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे, जिससे राज्य में इस केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का पूरा कार्यान्वयन होगा।
मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने घोषणा की कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम‑जेएवाई) आज पश्चिम बंगाल में लॉन्च की जाएगी, जिससे इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना का राज्य में पूर्ण कार्यान्वयन होगा।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक उपचार पर नकद‑रहित कवरेज प्रदान करती है, और राज्य में लाखों लाभार्थियों को कवर करने की उम्मीद है, जिससे केंद्र सरकार के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य के साथ तालमेल बनेगा।
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी नामांकन अभियान तैयार किया है, जिसमें जिला अधिकारियों और अस्पतालों के साथ समन्वय करके प्रारंभिक चरण में सहज पंजीकरण और सेवा प्रदान करने पर ध्यान दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में डिजिटल पोर्टल का अनावरण करेंगे, जिससे लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया स्पष्ट होगी और कार्यान्वयन के अगले चरणों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
इस कार्यान्वयन से गरीब वर्ग के लिए निजी खर्च में कमी आने की उम्मीद है और आने वाले वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक उपचार पर नकद‑रहित कवरेज प्रदान करती है, और राज्य में लाखों लाभार्थियों को कवर करने की उम्मीद है, जिससे केंद्र सरकार के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य के साथ तालमेल बनेगा।
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी नामांकन अभियान तैयार किया है, जिसमें जिला अधिकारियों और अस्पतालों के साथ समन्वय करके प्रारंभिक चरण में सहज पंजीकरण और सेवा प्रदान करने पर ध्यान दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में डिजिटल पोर्टल का अनावरण करेंगे, जिससे लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया स्पष्ट होगी और कार्यान्वयन के अगले चरणों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
इस कार्यान्वयन से गरीब वर्ग के लिए निजी खर्च में कमी आने की उम्मीद है और आने वाले वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा।