📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्थानीय
सतना के थरपहाड़ में मरीज को 1.5 किमी तक झोली में ढोया
✍️ Amar Ujala · Satna
🗓 19 सित. 2026, 04:01 PM
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सतना के थरपहाड़ गांव में सड़क की कमी के कारण एंबुलेंस नहीं पहुँच पाई, और ग्रामीणों ने मरीज को झोली में 1.5 किमी तक ढोकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया।
थरपहाड़ गांव, सतना जिले, मध्य प्रदेश में स्थित, लंबे समय से खराब सड़क कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहा है, जिससे आपात स्थितियों में कई निवासी अलग-थलग रह जाते हैं।
जब एक स्थानीय किसान बीमार पड़ गया, तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से भेजी गई एंबुलेंस सड़क की अनुपस्थिति के कारण गांव तक नहीं पहुँच पाई और वाहन को वापस लौटना पड़ा, जिससे मरीज फँस गया।
इसके जवाब में, ग्रामीणों ने चादर और डंडों से एक अस्थायी पालकी बनाई और मरीज को 1.5 किलोमीटर तक कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया, जहाँ एंबुलेंस अंततः पहुँच सकी।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढाँचे के विकास की तात्कालिक आवश्यकता पर प्रकाश डाला है, और स्थानीय अधिकारियों पर थरपहाड़ को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क बनाने का दबाव बढ़ा है।
जब एक स्थानीय किसान बीमार पड़ गया, तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से भेजी गई एंबुलेंस सड़क की अनुपस्थिति के कारण गांव तक नहीं पहुँच पाई और वाहन को वापस लौटना पड़ा, जिससे मरीज फँस गया।
इसके जवाब में, ग्रामीणों ने चादर और डंडों से एक अस्थायी पालकी बनाई और मरीज को 1.5 किलोमीटर तक कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया, जहाँ एंबुलेंस अंततः पहुँच सकी।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढाँचे के विकास की तात्कालिक आवश्यकता पर प्रकाश डाला है, और स्थानीय अधिकारियों पर थरपहाड़ को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क बनाने का दबाव बढ़ा है।