📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ElectoralBonds9910
राजनीति
उत्तरीाखण्ड में मतदाता पंजीकरण संशोधन पर एक व्यक्ति ने 5,906 आपत्तियाँ दायर कर विवाद भड़का
✍️ The New Indian Express
🗓 25 अग. 2026, 07:04 PM
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उत्तरीाखण्ड के एक मतदाता ने 5,906 आपत्तियाँ दायर कर पंजीकरण संशोधन पर विवाद पैदा किया।
उत्तरीाखण्ड के चुनावी पंजीकरण को हाल ही में संशोधित किया गया, जिससे मतदाताओं और राजनीतिक दलों में जाँच की मांग उठी।
एक अनाम निवासी ने 5,906 आपत्तियाँ दायर की, जिसमें नामों के गायब होने, डुप्लिकेट प्रविष्टियों और गलत विवरणों का हवाला दिया गया। इस बड़े पैमाने पर शिकायतों ने पंजीकरण प्रक्रिया और डेटाबेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
इलेक्शन कमीशन ने आपत्तियों की प्राप्ति की पुष्टि की और एक विस्तृत जाँच का वादा किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें पंजीकरण के अंतिम रूप देने में देरी कर सकती हैं और चुनाव के समयसारिणी को प्रभावित कर सकती हैं।
राजनीतिक नेताओं ने पारदर्शी जाँच की माँग की है, जबकि विपक्षी दलों ने चिंता जताई है कि संशोधन मतदाता उपस्थिति को प्रभावित करने के लिए दुरुपयोग हो सकता है। स्थिति पर कड़ी निगरानी बनी हुई है क्योंकि प्राधिकरण इस विवाद को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।
एक अनाम निवासी ने 5,906 आपत्तियाँ दायर की, जिसमें नामों के गायब होने, डुप्लिकेट प्रविष्टियों और गलत विवरणों का हवाला दिया गया। इस बड़े पैमाने पर शिकायतों ने पंजीकरण प्रक्रिया और डेटाबेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
इलेक्शन कमीशन ने आपत्तियों की प्राप्ति की पुष्टि की और एक विस्तृत जाँच का वादा किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें पंजीकरण के अंतिम रूप देने में देरी कर सकती हैं और चुनाव के समयसारिणी को प्रभावित कर सकती हैं।
राजनीतिक नेताओं ने पारदर्शी जाँच की माँग की है, जबकि विपक्षी दलों ने चिंता जताई है कि संशोधन मतदाता उपस्थिति को प्रभावित करने के लिए दुरुपयोग हो सकता है। स्थिति पर कड़ी निगरानी बनी हुई है क्योंकि प्राधिकरण इस विवाद को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।