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राजनीति
उत्तर प्रदेश अधिकारी ने छात्र की एनएसए हिरासत को रद्द करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
✍️ The Indian Express
🗓 13 सित. 2026, 06:46 PM
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एक उत्तर प्रदेश अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिससे छात्र की एनएसए हिरासत को रद्द करने वाले निचली अदालत के फैसले को उलटा जा सके।
एक उत्तर प्रदेश सरकारी अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें निचली अदालत द्वारा छात्र की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत को रद्द करने के फैसले को उलटने की मांग की गई है। यह याचिका राज्य की सुरक्षा संबंधी अधिकारों को कमजोर करने वाला माना गया है और नई न्यायिक समीक्षा की माँग करती है।
वह छात्र एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा मानने वाले मामलों में प्रतिबंधात्मक हिरासत की अनुमति देता है। बाद में एक जिला अदालत ने प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को दर्शाते हुए हिरासत को रद्द कर दिया। उत्तर प्रदेश प्राधिकारी का कहना है कि अदालत ने अपने मूल्यांकन में त्रुटि की है और हिरासत वैध थी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला प्रतिबंधात्मक हिरासत के अधिकार और न्यायिक निगरानी के बीच तनाव को उजागर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक सुनवाई की तारीख नहीं तय की है, और निर्णय यह तय करेगा कि छात्र को हिरासत में रखा जाएगा या आगे की कार्यवाही तक रिहा किया जाएगा।
वह छात्र एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा मानने वाले मामलों में प्रतिबंधात्मक हिरासत की अनुमति देता है। बाद में एक जिला अदालत ने प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को दर्शाते हुए हिरासत को रद्द कर दिया। उत्तर प्रदेश प्राधिकारी का कहना है कि अदालत ने अपने मूल्यांकन में त्रुटि की है और हिरासत वैध थी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला प्रतिबंधात्मक हिरासत के अधिकार और न्यायिक निगरानी के बीच तनाव को उजागर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक सुनवाई की तारीख नहीं तय की है, और निर्णय यह तय करेगा कि छात्र को हिरासत में रखा जाएगा या आगे की कार्यवाही तक रिहा किया जाएगा।