उपभोक्ताओं का सिस्टम बिगड़ा: अब रिफिल कराने कोई शाढ़ोरा, कोई गुना की एजेंसी के काट रहा चक्कर डीएससी नंबर लेकर
उपभोक्ताओं का सिस्टम बिगड़ा: अब रिफिल कराने कोई शाढ़ोरा, कोई गुना की एजेंसी के काट रहा चक्कर डीएससी नंबर लेकर गायब किया सिलेंडर सड़क पर महिला ने लगाई क्लास तो कान पकड़कर मांगी माफी अशोकनगर शहर में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की रसोई और सुकून दोनों बिगाड़ दिए हैं। हालात यह हैं कि डीएससी नंबर आने के 15-20 दिन बाद भी लोगों को सिलेंडर नसीब नहीं हो रहे हैं। शहर की इंडेन गैस की डीसी एजेंसी बंद होने से हजारों उपभोक्ताओं का भार शाढ़ोरा और गुना की एजेंसियों पर डाल दिया गया है। नतीजा यह है कि उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर कभी इस एजेंसी तो कभी उस एजेंसी के चक्कर काटने मजबूर हैं। इससे अब उपभोक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर कर्मचारियों पर फूटने लगा है। गैस वितरण में चल रही धांधली और मनमानी की बानगी रेलवे अंडरब्रिज के पास देखने मिली। तुलसी कॉलोनी निवासी सरोज बाई पिछले एक महीने से गैस के लिए परेशान थीं। 15 दिन पहले साइकिल-रिक्शा से गैस बांटने वाले कर्मचारी ने उनसे डीएससी नंबर ले लिया, लेकिन सिलेंडर नहीं पहुंचाकर बेच दिया। एजेंसी में डीएससी नंबर लेकर गायब किया सिलेंडर। शाहडोरा और गुना के बीच फुटबॉल बने अशोकनगर के उपभोक्ता अव्यवस्था का शिकार केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता भी हो रहे हैं। शहर के राकेश तिवारी को जब सिलेंडर की जरूरत पड़ी तो पता चला कि एजेंसी बंद होने से उसका कनेक्शन शिफ्ट कर दिया गया है। भटकने के बाद डीएससी नंबर तो आ गया, लेकिन गैस नहीं मिली। जब शाढ़ोरा एजेंसी की गाड़ी शहर में बांटने आई, तो कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि आपको सिलेंडर गुना की गैस एजेंसी से मिलेगा। अब उपभोक्ता अपना काम-धंधा छोड़कर खाली सिलेंडर लिए दोनों एजेंसियों के बीच भटक रहे हैं। दो से तीन किमी खाली सिलेंडर ढोने की मजबूरी अब नया सिस्टम लोगों के लिए और बड़ी मुसीबत बन गया है। किसी दिन शाढ़ोरा तो किसी दिन गुना से गैस का ट्रक शहर में आता है। जो किसी चौराहे या खाली मैदान में खड़ा हो जाता है, शहर के लोगों को दो से तीन किमी दूर तक खाली सिलेंडर लेकर जाना पड़ता है। बीते 15 दिनों से शहर की सड़कों पर लोग खाली सिलेंडर दोपहिया वाहनों पर या पैदल ढोते नजर आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क पर महिला ने लगाई क्लास तो कान पकड़कर मांगी माफी गैस वितरण के दौरान एक महिला ने कर्मचारी को रोककर जमकर खरी-खोटी सुनाई। सरोज बाई अपनी फजीहत होते देख और चोरी पकड़े जाने पर कर्मचारी ने पहले हाथ जोड़े और फिर कान पकड़कर गिड़गिड़ाते हुए माफी मांगी। तब जाकर महिला ने उसे छोड़ा। इसलिए बने हालात... 5 हजार की पेंडेंसी और ट्रकों से हो रहा वितरण इस पूरे संकट की जड़ इंडेन की डीसी गैस एजेंसी है। इस एजेंसी की पेंडेंसी बढ़कर पांच हजार हो गई थी। इसके चेक कराने पर पता चला कि सिस्टम में उस कर्मचारी के नाम से सिलेंडर डिलीवर बता रहा है। बाद में कंपनी ने सख्त कदम उठाते हुए इस एजेंसी को बंद कर दिया और डीसी गैस एजेंसी के हजारों परेशान होकर महिला को 150 रुपये की गैस भरवाकर खाना बनाना पड़ा। जब वह कर्मचारी शुक्रवार... उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई का जिम्मेदार शाढ़ोरा और गुना की गैस एजेंसियों को दे दिया गया है। अंडरब्रिज के पास दिखा तो महिला का गुस्सा फूट पड़ा। महिला ने बीच सड़क कर्मचारी को रोक लिया।