📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sawarijoshi
बिज़नेस
यू.पी. आर.ई.आर.ए. ने 13 रियल एस्टेट परियोजनाओं को ₹2,380 करोड़ के मूल्य पर मंजूरी दी
✍️ Livemint
🗓 13 सित. 2026, 10:36 PM
👁 6
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने 13 परियोजनाओं को ₹2,380 करोड़ के मूल्य पर मंजूरी दी, जिससे राज्य में निवेश बढ़ाने का लक्ष्य है। यह निर्णय नोएडा और गज़ियाबाद में ₹500 करोड़ के नए पूंजी को आकर्षित करने की योजना का हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने 13 आवासीय और वाणिज्यिक विकास परियोजनाओं को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है, जिनका कुल मूल्य ₹2,380 करोड़ है। ये परियोजनाएँ राज्य के विभिन्न स्थानों पर फैली हुई हैं और आवास, कार्यालय स्थान और मिश्रित‑उपयोग विकास को शामिल करती हैं।
मंजूरी प्रक्रिया में प्रत्येक परियोजना के RERA मानकों के अनुपालन की गहन समीक्षा शामिल थी, जिसमें भूमि उपयोग, निर्माण समयसीमा और उपभोक्ता संरक्षण उपाय शामिल थे। इन मानकों को पूरा करने के बाद परियोजनाएँ अब निवेश के लिए योग्य हैं और विकास के अगले चरणों में आगे बढ़ सकती हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय बड़े निवेश प्रवाह को आकर्षित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। विशेष रूप से, नोएडा और गज़ियाबाद को अतिरिक्त ₹500 करोड़ के निवेश के लिए लक्षित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश के रियल‑एस्टेट क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। RERA की मंजूरी से डेवलपर्स और खरीदारों दोनों के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार होता है, जिससे विवाद कम होते हैं और परियोजनाएँ समय पर पूरी होती हैं।
डेवलपर्स और निवेशकों को भविष्य की मंजूरी के लिए अपने प्रस्ताव UP RERA में जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, क्योंकि अथॉरिटी प्रक्रियाओं को सरल बनाती है और राज्य के रियल‑एस्टेट बाजार में सतत विकास को बढ़ावा देती है।
मंजूरी प्रक्रिया में प्रत्येक परियोजना के RERA मानकों के अनुपालन की गहन समीक्षा शामिल थी, जिसमें भूमि उपयोग, निर्माण समयसीमा और उपभोक्ता संरक्षण उपाय शामिल थे। इन मानकों को पूरा करने के बाद परियोजनाएँ अब निवेश के लिए योग्य हैं और विकास के अगले चरणों में आगे बढ़ सकती हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय बड़े निवेश प्रवाह को आकर्षित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। विशेष रूप से, नोएडा और गज़ियाबाद को अतिरिक्त ₹500 करोड़ के निवेश के लिए लक्षित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश के रियल‑एस्टेट क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। RERA की मंजूरी से डेवलपर्स और खरीदारों दोनों के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार होता है, जिससे विवाद कम होते हैं और परियोजनाएँ समय पर पूरी होती हैं।
डेवलपर्स और निवेशकों को भविष्य की मंजूरी के लिए अपने प्रस्ताव UP RERA में जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, क्योंकि अथॉरिटी प्रक्रियाओं को सरल बनाती है और राज्य के रियल‑एस्टेट बाजार में सतत विकास को बढ़ावा देती है।